
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से बीटेक सीएसई एवं आईटी के विद्यार्थियों के लिए ‘एम्प्लॉयबिलिटी एंड स्किल डेवलपमेंट’ (रोजगार क्षमता एवं कौशल विकास) विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं से परिचित कराना तथा बेहतर करियर निर्माण के लिए जरूरी कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डेटा एनालिस्ट, एआई एवं मशीन लर्निंग ट्रेनर तथा टेक्नोलॉजी कंसल्टेंट लखविंदर सिंह ने विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर बढ़ाने, व्यावसायिक दक्षता विकसित करने और उभरती तकनीकों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता सफलता के लिए पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के पास तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक ज्ञान, प्रभावी संचार कौशल और समस्या-समाधान की क्षमता होना भी आवश्यक है। उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने वाले विद्यार्थी बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को उद्योग जगत की बदलती जरूरतों और रोजगार के लिए आवश्यक कौशलों से अवगत कराया गया। संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। श्री लखविंदर सिंह ने उन्हें निरंतर सीखने, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और समय के साथ अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि तकनीकी ज्ञान के साथ सीखने की ललक और व्यावसायिक व्यवहार भी करियर में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम का समन्वय इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया। इसके सफल आयोजन में सीएसई एवं आईटी विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण गर्ग तथा इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल, उद्योग की अपेक्षाओं और निरंतर व्यावसायिक विकास के महत्व से परिचित कराया। साथ ही, उन्हें अपने कौशल को निखारने और भविष्य की रोजगार संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर तैयारी करने की प्रेरणा मिली।


