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इंदौर में कथावाचक इन्द्रेश उपाध्याय की श्रीमद् भागवत कथा 22 से, एक लाख वर्गफीट में तैयार हुआ विशाल पांडाल

नित्य संदेश, इंदौर। संस्कारधानी इंदौर में अध्यात्म का एक अनूठा संगम सजने जा रहा है। शहर के एमआर-10 स्थित स्टार चौराहा पर देश के प्रख्यात युवा कथावाचक इन्द्रेश उपाध्याय (श्रीधाम वृन्दावन) के श्रीमुख से होने वाली श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गोयल परिवार-गोयल ग्रीन के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले इस दिव्य अनुष्ठान के लिए करीब एक लाख वर्गफीट के विशाल मैदान पर भव्य और वाटरप्रूफ पांडाल तैयार किया गया है। यह आयोजन 23 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक कथावाचक इन्द्रेशजी अपने ओजस्वी वचनों से श्रद्धालुओं को भागवत ज्ञानामृत का पान कराएंगे। शहर में पहली बार सार्वजनिक रूप से कथा करने आ रहे इन्द्रेश उपाध्याय के आगमन को लेकर इंदौर सहित पूरे मालवांचल के भक्तों में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है।

कथा स्थल की सजावट और भव्यता देखते ही बनती है। पांडाल के बीचों-बीच बनाई गई व्यास पीठ पर भगवान श्री राधा-कृष्ण की मनोहारी छवि उकेरी गई है, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी।

एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैले इस पांडाल में एक साथ 15 से 20 हजार श्रद्धालु बैठकर कथा का लाभ उठा सकेंगे। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पांडाल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर इसका विस्तार भी किया जा सके। बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से कुर्सियों की व्यवस्था की गई है, जबकि युवा श्रोताओं के लिए पारंपरिक भारतीय शैली में बैठने का प्रबंध है। पांडाल के अलग-अलग हिस्सों में 12 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि अंतिम पंक्ति में बैठने वाले श्रद्धालुओं को भी कथा और मंच के दर्शन स्पष्ट रूप से हो सकें।

यातायात को सुचारू रखने और वाहन चालकों की सुविधा के लिए मैदान को समतल कर 2,000 दो-पहिया और 800 चार-पहिया वाहनों की निशुल्क पार्किंग बनाई गई है। पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और महिला-पुरुषों के लिए अलग से वाशरूम के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

इस सात दिवसीय भागवत कथा के दौरान नियमित कथा के साथ-साथ तीन दिनों तक विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव भी मनाए जाएंगे, जो शहर के इतिहास में अपनी तरह के पहले आयोजन होंगे। इसके तहत 26 अक्टूबर को शरद रासोत्सव, 27 अक्टूबर को शरद दीपोत्सव और 28 अक्टूबर को शरद छप्पन भोग का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों को लेकर मनोरथी परिवार द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कथावाचक इन्द्रेशजी अपनी पूरी मंडली के साथ आज सुबह इंदौर पहुंच चुके हैं। आयोजकों ने मालवांचल के सभी धर्मप्रेमियों से इस भव्य आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने का अनुरोध किया है।

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