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इतिहास विभाग में किया गया युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि के इतिहास विभाग में इतिहास विभाग एवं प्रज्ञा प्रवाह के संयुक्त तत्वधान में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय सहसंयोजक चंद्रकांत जी ने युवाओं/ शोधार्थीयो को संबोधित करते हुए कहां कि वर्तमान में नॉरेटिव बिल्डिंग का दौर है और कुछ सुनियोजित क्रमबद्ध तरीके से भारत के युवाओं के बीच देश विरोधी नॉरेटिव करने का काम किया जा रहा है। भारत की आत्मा भारत के मूल आधार से काटकर युवाओं को जैन जी जैन अल्फा जैसे फर्जी शब्द जाल मैं फंसा कर उनकी मूल पहचान से दूर ले जाने का प्रयास अनवरत रूप से जारी है। किंतु पूरे देश में जगह-जगह कार्यक्रमों में जाने पर पता चलता है कि हमारे युवा पीढ़ी बहुत सकारात्मक दिखाई देती है। यदि भारत के 200 वर्ष पूर्व का इतिहास पढ़े तो जाती जैसा शब्द कोई अस्तित्व में दिखाई नहीं देता यह शब्द 1830 के बाद की उपज है।

उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए इसे विस्तृत रूप से समझाया की किस प्रकार एक यूरोपियन पंजाबी गुरमुखी सीख कर सिखईस्म को अपना लेता है और फिर हिंदू विरोध का कार्य शुरू होता है। 1830 से किया गया यह प्रयास 1898 तक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगता है जब किताब प्रकाशित होती है वे अरे नॉट हिंदू। जबकि वास्तविकता यह है कि प्रतिरोध और सुरक्षात्मक उपायों के लिए प्रत्येक हिंदू परिवार से एक बड़ा बेटा समाज की सुरक्षा के लिए दिया जाता था और वही सिख कहलाया। स्वर्ण मंदिर के पुराने अतीत को अगर देखे तो गुरु ग्रंथ साहिब के साथ-साथ समस्त देवी देवताओं की मूर्तियां भी अस्तित्व में थी और यह कम समूचे पंजाब में था। किंतु देश विरोधी हिंदुत्व विरोधी है विचार धीरे-धीरे बढ़ने लगा क्योंकि यहां के मूल लोगों में अपनी परंपराओं अपने रीति-रिवाज अपनी भाषा के प्रति हीनता का भाव एक लंबे समय से कराए जाने का प्रबल षड्यंत्र चला रहा। वर्तमान में भारत के युवा धीरे-धीरे इस षड्यंत्र को समझकर देश के प्रति सकारात्मक का भाव प्रबल रूप से सामने रखने लगे हैं।

इससे पूर्व इतिहास विभाग में आगमन पर राष्ट्रीय सहसंयोजक प्रज्ञा प्रवाह चंद्रकांत का स्वागत पुष्पमाला और पका पहनाकर डॉ कुलदीप कुमार त्यागी एवं प्रोफेसर रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रज्ञा प्रवाह के प्रांत अध्यक्ष प्रोफेसर वीरपाल सिंह की। प्रोफेसर विघ्नेश कुमार ने ने मुख्य अतिथि के संबोधन में कोट किए गए अनेक बिंदुओं पर उनके निर्देशन में पहले से ही शोध कार्य कराई जाने की जानकारी दी। ऑफिसर विघ्नेश कुमार के निर्देशन में शोधार्थी रवि शंकर द्वारा गांधी और वीर सावरकर का राष्ट्र चिंतन विषय की सराहना करते हुए चंद्रकांत जी ने इसे अत्यंत प्रासंगिक और महत्वपूर्ण विषय बताया।

इस अवसर पर इतिहास संकलन समिति मेरठ प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री डॉक्टर कुलदीप कुमार त्यागी, डॉ योगेश कुमार, डॉ शालिनी, प्रोफेसर अनुज कुमार शर्मा, प्रोफेसर रविंद्र कुमार, प्रोफेसर अनीता गोस्वामी शिव भूमिका शिवा, भूमिका, वंशिका, आदित्य गोस्वामी आदि अनेक शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा प्रभा के प्रांत संयोजक इंजीनियर अवनीश कुमार त्यागी ने किया।

दिवाली से पहले लौटी खुशियां, गुम मोबाइल पाकर खिले लोगों के चेहरे

क्राइम ब्रांच इंदौर की प्रभावी कार्यवाही: करीब ₹20 लाख कीमत के 112 गुम मोबाइल बरामद कर, आवेदकों को किए वापस

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा गुम मोबाइल फोन की शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए करीब ₹20 लाख कीमत के 112 मोबाइल फोन बरामद कर संबंधित आवेदकों को सुपुर्द किए गए। ये मोबाइल फोन सिटीजन कॉप एप्लीकेशन (Citizen Cop Application) एवं CEIR (Sanchar Saathi Portal) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर तलाशे गए थे।

आज क्राइम ब्रांच द्वारा बरामद किए गए 112 मोबाइल फोन जो वापस किए गए हैं, उनमें विभिन्न कंपनियों के महंगे एवं आधुनिक मोबाइल शामिल हैं। इनमें गूगल पिक्सल, आईफोन, आईटेल, एमआई, लावा, मोटोरोला, वनप्लस, ओप्पो, पोको, रियलमी, रेडमी, सैमसंग, टेक्नो एवं वीवो कंपनियों के मोबाइल फोन शामिल हैं।

बरामद मोबाइल फोन का कंपनीवार विवरण: बरामद किए गए 112 मोबाइल में गूगल पिक्सल – 1, आईफोन – 1, आईटेल – 1, एमआई – 1, लावा – 1, मोटोरोला – 6, वनप्लस – 9, ओप्पो – 16, पोको – 2, रियलमी – 14, रेडमी – 9, सैमसंग – 7, टेक्नो – 2, वीवो – 42 है।

क्राइम ब्रांच की साइबर सेल टीम द्वारा वर्ष 2026 में प्राप्त गुम मोबाइल फोन की शिकायतों का निराकरण करते हुए आज दिनांक तक कुल 1,045 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को लौटाए जा चुके हैं। बरामद मोबाइल फोन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों से भी तलाशे गए हैं।

गुम मोबाइल की शिकायतों के निराकरण में सिटीजन कॉप एप एवं CEIR पोर्टल बने उपयोगी माध्यम—

इंदौर पुलिस द्वारा संचालित सिटीजन कॉप एप्लीकेशन आमजन को पुलिस तक ऑनलाइन शिकायत एवं सूचना पहुंचाने की सुविधा प्रदान करती है। एप के माध्यम से किसी वस्तु के गुम अथवा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग का CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन के IMEI नंबर को ब्लॉक कराने तथा मोबाइल की तलाश में सहायता करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है।

इन डिजिटल माध्यमों के जरिए प्राप्त शिकायतों पर क्राइम ब्रांच की साइबर सेल द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं आवश्यक कार्रवाई करते हुए गुम मोबाइल फोन की तलाश की जाती है। इन सुविधाओं के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ने के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने का रुझान भी बढ़ रहा है।

मोबाइल गुम या चोरी होने पर ऐसे दर्ज करें शिकायत सिटीजन कॉप एप्लीकेशन के माध्यम से—

Google Play Store से Citizen Cop एप डाउनलोड करें।

गुम/चोरी की शिकायत (Report Lost Article) विकल्प चुनें।

निर्देशों से सहमत होकर Mobile + SIM Card का विकल्प चुनें।

मांगी गई जानकारी के साथ शिकायत फॉर्म भरें।

मोबाइल का बिल एवं थाने में की गई शिकायत की प्रति उपलब्ध होने पर अपलोड करें।

वैकल्पिक मोबाइल नंबर दर्ज कर शिकायत सबमिट एवं कन्फर्म करें।

शिकायत क्रमांक सुरक्षित रखें, ताकि आगे की कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की जा सके।

मोबाइल मिलने पर शिकायत में दर्ज वैकल्पिक मोबाइल नंबर के माध्यम से आवेदक को सूचित किया जा सकता है।

CEIR (Sanchar Saathi) पोर्टल के माध्यम से—

मोबाइल गुम या चोरी होने पर पहले नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

संबंधित मोबाइल सेवा प्रदाता से अपनी सिम दोबारा जारी करवाएं।

भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://www.ceir.gov.in/ पर जाएं।

मोबाइल का IMEI नंबर ब्लॉक कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें।

आवश्यक विवरण एवं उपलब्ध दस्तावेज, जैसे मोबाइल बिल, पुलिस शिकायत तथा पहचान संबंधी दस्तावेज, पोर्टल के निर्देशानुसार अपलोड करें।

आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त Request ID सुरक्षित रखें, जिससे शिकायत की स्थिति ट्रैक की जा सके।

इंदौर पुलिस की अपील—

इंदौर पुलिस आमजन से अपील करती है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें तथा सिटीजन कॉप एप्लीकेशन एवं CEIR पोर्टल का उपयोग कर शिकायत दर्ज कराएं। मोबाइल का IMEI नंबर एवं खरीद संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखें। किसी अन्य व्यक्ति का गुम मोबाइल मिलने पर उसका अनुचित उपयोग करने के बजाय पुलिस को सूचित करें।

सराहनीय भूमिका—

गुम मोबाइल फोन की तलाश एवं बरामदगी में क्राइम ब्रांच इंदौर की साइबर सेल टीम की सराहनीय भूमिका रही।

एनजीओ प्रकोष्ठ, भाजपा जिला देहरादून द्वारा पौध वितरण एवं महिला संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन

नित्य संदेश ब्यूरो

देहरादून। एनजीओ प्रकोष्ठ, भाजपा जिला देहरादून की ओर से पंचायती श्री हनुमान मंदिर, संजय कॉलोनी, पटेल नगर वार्ड 44 में पौध वितरण एवं महिला संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके साथ संवाद स्थापित करना था।

कार्यक्रम की पहल नेहा शर्मा सरदार पटेल मंडल मंत्री रवि राठौर, हनुमान मंदिर के प्रधान वीर सिंह राठौड़, धर्मवीर सिंह राघव द्वारा की गई। इस अवसर पर महिलाओं को छोटे-छोटे पौधे वितरित किए गए और उन्हें पौधों के संरक्षण एवं पर्यावरण को स्वच्छ व हरा-भरा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सुमन देवी, संगीता देवी, प्रकाशी, मंजू, पिंकी, पूनम, रिहान, उषा देवी, दयावती, प्रभा कार्यक्रम में भारी संख्या में मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला संवाद के अंतर्गत महिलाओं ने अपनी-अपनी समस्याओं एवं विचारों को साझा किया। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को अपनी बात रखने और आपसी संवाद के लिए एक सार्थक मंच प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन नलिनी त्रिखा तनेजा, जिला अध्यक्ष, एनजीओ प्रकोष्ठ, देहरादून, एवं उनकी सहयोगी निधि वत्स के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। इस आयोजन को महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।

फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान की कड़े शब्दों में निंदा!

एडवोकेट शाहीन परवेज

नित्य संदेश। फारूक अब्दुल्ला का यह कहना कि “पाकिस्तान ने कश्मीर के मुद्दे को ज़िंदा रखा और दिल्ली की नीयत नेक नहीं है” बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है।

मेरा फारूक अब्दुल्ला से सीधा सवाल है—आखिर पाकिस्तान ने कश्मीरियों को बचाने के नाम पर ऐसा क्या किया है, जिसका श्रेय उसे दिया जा रहा है?

पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के मामले केवल राजनीतिक आरोपों तक सीमित नहीं रहे हैं। भारत में हुए अनेक आतंकवादी हमलों में पाकिस्तान-आधारित आतंकवादी संगठनों की भूमिका जांच और साक्ष्यों के आधार पर सामने आई है। आतंकवाद के कारण भारत ने अपने वीर जवानों और निर्दोष नागरिकों को खोया है। ऐसे में पाकिस्तान को कश्मीरियों का रक्षक बताना उन शहीदों के बलिदान और पीड़ित परिवारों के दर्द का अपमान है।

फारूक अब्दुल्ला को यह भी याद रखना चाहिए कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में विकास, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, आतंकवाद पर अंकुश लगाने और सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए अनेक कदम उठाए गए।

आज जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, बुनियादी ढाँचे, सड़क निर्माण, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी भर्तियों और विकास परियोजनाओं के माध्यम से लोगों को अवसर उपलब्ध कराने पर भी काम हुआ है। इन प्रयासों और उपलब्धियों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, न कि बिना पर्याप्त आधार के केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए जाने चाहिए। लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।

ग्रामीण अंचलीय पत्रकार एसोसिएशन ने उठाई दैनिक जनवाणी के पत्रकार नसीम अहमद हत्याकांड में कड़ी कार्रवाई की आवाज

नित्य संदेश ब्यूरो

हापुड़। उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में दैनिक जनवाणी के पत्रकार नसीम अहमद की मौत के मामले में ग्रामीण अंचलीय पत्रकार एसोसिएशन भारत की हापुड़ इकाई ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

ज्ञापन में ग्रामीण अंचलीय पत्रकार एसोसियेशन ने व पत्रकारों ने मांग की हैं कि दिनांक 18 अक्टूबर को हापुड़ देहात क्षेत्र के जरौठी रोड स्थित गिरधारी नगर पीर के पास दशहरे के विज्ञापन के सिलसिले में पहुंचे पत्रकार नसीम अहमद के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। संगठन ने मांग की हैं कि मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद नसीम अहमद की मौत हो गई। घटना को पत्रकारिता जगत के लिए गंभीर और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताते हुए पत्रकारों ने रोष जताया हैं।

पत्रकारों व गापा ने सभी नामजद और अज्ञात आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही महिला के साथ सी सी टी वी कैमरे में छेड़छाड़ व जबरदस्ती हाथ पकड़ कर खींचकर ले जाने की रिकॉर्डिंग होने की तहरीर पर और हत्या के प्रयास समेत संबंधित धाराओं में अलग मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी।
ज्ञापन में मृतक पत्रकार के परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा, बेटी की आगामी शादी का खर्च सरकार द्वारा उठाने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने, आरोपियों से जुड़े कार्यालय व गोदाम पर नियमानुसार कार्रवाई तथा हापुड़ नगर में नसीम अहमद के नाम पर सड़क का नामकरण करने की मांग उठाई गई।

इस मौके पर ममता शर्मा , मुरलीधर शर्मा, मोहम्मद हाशिम, हामिद खान, गुलफाम सैफी हापुड़, गुलफाम सैफी अटूटा, लोकेश शर्मा, चेतन कुमार, जितेंद्र कुमार, शराफत सैफी, नदीम नक़वी, आबिद हुसैन, डॉ. पीतम सिंह, आरिफ अली, आरिफ़ मसूदी, शमशाद अली, सलमान खान, अरुण बेनीवाल, जितेंद्र कुमार , डॉक्टर पीतम सिंह आदि मौजूद रहें।