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सुभारती लॉ इंस्टीट्यूट में समावेशी विकास पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने रखे प्रभावशाली तर्क

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के सरदार पटेल सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ की ओर से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश: समावेशी विकास की रणनीति या समृद्ध पश्चिम और पिछड़े पूर्व के बीच विभाजन’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय विकास, आर्थिक असमानता और विकास के अवसरों के समान वितरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष और विपक्ष में तर्क रखते हुए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच विकास के अंतर तथा समावेशी विकास की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा की।

 कार्यक्रम का आयोजन सुभारती विधि संस्थान के निदेशक एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश चंद्र के निर्देशन तथा फैकल्टी ऑफ लॉ की संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। प्रतिभागियों ने क्षेत्रीय विकास में असमानता, रोजगार एवं आर्थिक अवसरों की उपलब्धता, संसाधनों के वितरण और पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच विकास के अंतर जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने विभिन्न तर्कों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि प्रदेश के संतुलित विकास के लिए सभी क्षेत्रों को समान अवसर उपलब्ध कराना और विकास की प्रक्रिया में समावेशिता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को समसामयिक सामाजिक, आर्थिक और विकास संबंधी मुद्दों को समझने तथा उनका विश्लेषण करने का अवसर प्रदान किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आलोचनात्मक दृष्टिकोण, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखने की क्षमता को प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, विपरीत विचारों को सुनने, समझने और स्वस्थ संवाद के माध्यम से निष्कर्ष तक पहुंचने की भावना को भी बढ़ावा मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश और प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक बनाना तथा उनमें जिम्मेदार नागरिकता और लोकतांत्रिक संवाद की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम का समापन शिवानी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षक गण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

सुभारती में छह दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सीखी पायथन प्रोग्रामिंग, एआई और ऑटोमेशन की बारीकियां

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित छह दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यशाला का आयोजन सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग के वाइस प्रिंसिपल डॉ. श्रवण कुमार गर्ग के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें सीईटीपीए इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञ मोहम्मद बिलाल ने विद्यार्थियों को पायथन प्रोग्रामिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एप्लीकेशन और ऑटोमेशन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की पायथन प्रोग्रामिंग की बुनियादी समझ को मजबूत करना और उन्हें एआई आधारित एप्लिकेशन विकसित करने में इस तकनीक के उपयोग से परिचित कराना था। छह दिनों तक चले प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोगों को समझने और स्वयं तकनीकी समाधान विकसित करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान सैद्धांतिक जानकारी के साथ प्रायोगिक अभ्यास पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों को वास्तविक तकनीकी अनुप्रयोगों से जोड़ने में मदद मिली। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को एआई और मशीन लर्निंग के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को समझने तथा उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन मोहम्मद बिलाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “आज के तकनीकी दौर में केवल प्रोग्रामिंग की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस ज्ञान का उपयोग वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए करना भी जरूरी है। पायथन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकें विद्यार्थियों को नए विचारों को साकार करने और उपयोगी एप्लीकेशन विकसित करने के अवसर देती हैं। विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच के साथ नई तकनीकों को सीखना चाहिए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना कर सकें।”

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने कार्यशाला के सफल आयोजन और विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए मोहम्मद बिलाल के प्रति आभार व्यक्त किया। विभाग ने प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की भी सराहना की। कार्यशाला का समन्वय इंजीनियर अंशिका शर्मा ने किया। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक एवं कौशल-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नवीन तकनीकों से परिचित कराना, उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ाना और उन्हें उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मेरठ रेंज में कड़े सुरक्षा इंतजाम

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र में 26 अक्टूबर को होने वाली महर्षि वाल्मीकि जयंती को लेकर पुलिस ने व्यापक प्रबंध किए हैं। डीआईजी मेरठ रेंज श्री कलानिधि नैथानी के निर्देश पर कानून व्यवस्था के लिए पूरे परिक्षेत्र में कुल 2130 पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस प्रबंध एक नजर में –

  • कुल बल: 06 अपर पुलिस अधीक्षक, 22 सीओ, 73 निरीक्षक, 413 उपनिरीक्षक, 511 मुख्य आरक्षी, 670 आरक्षी, 435 होमगार्ड/पीआरडी और 02 कंपनी पीएसी।
  • शोभायात्रा/जुलूस: कुल 50, जिनमें मेरठ में 24, बुलंदशहर में 14, बागपत में 08 और हापुड़ में 04।
  • मंदिरों पर कार्यक्रम: कुल 125 मंदिर, जिनमें मेरठ 36, बुलंदशहर 06, बागपत 58 और हापुड़ 25।
  • अन्य कार्यक्रम: कुल 71, जिनमें मेरठ 31, बुलंदशहर 12, बागपत 13 और हापुड़ 15।
  • संवेदनशील स्थान: कुल 32, जिनमें मेरठ 15, बुलंदशहर 09, बागपत 04 और हापुड़ 04।

आयोजकों और विभागों से समन्वय के लिए अब तक 97 गोष्ठियां आयोजकों/पीस कमेटी/धर्म गुरुओं के साथ और 85 गोष्ठियां नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत विभाग आदि के साथ की जा चुकी हैं।

डीआईजी के सख्त निर्देश:

डीआईजी नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि रूट का निरीक्षण कर आज ही ड्यूटी चार्ट तैयार करें, कोई गैर-परंपरागत कार्यक्रम न होने दें, मूर्तियों पर पहले से सुरक्षा रखें, छोटी से छोटी घटना को गंभीरता से लें। शोभायात्रा मार्गों पर दंगा निरोधक उपकरणों के साथ रिजर्व फोर्स तैयार रखने, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने, बिजली के तार व अतिक्रमण हटवाने, अफवाहों का तत्काल खंडन करने और सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पिछले 5 साल के UP-112 डेटा का अध्ययन कर संवेदनशील स्थानों पर पहले से कार्रवाई करने को कहा है।

ओप्पो इंडिया ने अपनी नई ओप्पो फाइंड एक्स10 सीरीज लॉन्च की

नित्य संदेश ब्यूरो

नोएडा। ओप्पो इंडिया ने अपनी नई ओप्पो फाइंड एक्स10 सीरीज लॉन्च की है, जिसमें ओप्पो फाइंड एक्स10 और ओप्पो फाइंड एक्स10 प्रो मैक्स शामिल हैं। इसके साथ ही ओप्पो की इनोवेटिव और प्रीमियम फ्लैगशिप फाइंड एक्स सीरीज की 10वीं पीढ़ी की शुरुआत हो गई है। प्रीमियम स्मार्टफोन अनुभव का एक नया पैमाना तय करने के लिए तैयार की गई फाइंड एक्स10 सीरीज में शानदार ट्रू-टू-लाइफ इमेजिंग, बेमिसाल परफॉर्मेंस, जबरदस्त बैटरी बैकअप और आकर्षक रिफाइंड डिजाइन का मेल है। इसके साथ ही, नया कलरओएस 17 यूजर्स को एक बेहतरीन और स्मूथ सॉफ्टवेयर अनुभव प्रदान करता है। ओप्पो ने अपने फ्लैगशिप कनेक्टेड इकोसिस्टम का विस्तार करते हुए ओप्पो एन्को एक्स4 और ओप्पो पैड मिनी भी पेश किए हैं, ताकि यूजर्स बिना किसी रुकावट के एक ही फ्लो में तस्वीरें ले सकें, कंटेंट बना सकें और शेयर कर सकें। कुल मिलाकर, यह पूरा फ्लैगशिप पोर्टफोलियो रोजमर्रा के अनुभव को और बेहतर बनाता है, जिससे हर एक शॉट, एडिट और शेयर बिल्कुल वास्तविक और उस पल के करीब महसूस होता है।

लॉन्च के मौके पर ओप्पो इंडिया की कम्युनिकेशंस प्रमुख गोल्डी पटनायक ने कहा पिछली 10 पीढ़ियों से ओप्पो फाइंड एक्स सीरीज स्मार्टफोन इनोवेशन की सीमाओं को आगे बढ़ाती रही है। ओप्पो फाइंड एक्स 10 सीरीज के साथ हम उन समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनका सामना कंटेंट क्रिएटर्स को सबसे ज्यादा करना पड़ता है। इनमें आंखों से दिखाई देने वाले दृश्य और तस्वीरों के बीच अंतर, रोशनी बदलने के साथ तस्वीरों के परिणाम में बदलाव और ऐसे एआई फीचर्स शामिल हैं, जो काम आसान करने के बजाय प्रक्रिया को और लंबा बना देते हैं। पैड मिनी के जरिए ओप्पो एक नया डिवाइस फॉर्म फैक्टर पेश कर रहा है, जो कॉम्पैक्ट होने के साथ कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी उपयोगी है। वहीं, एनको एक्स 4 के साथ कंपनी ने अपने कनेक्टेड इकोसिस्टम को पूरा किया है, जिससे यूजर्स एक ही सहज प्रक्रिया में कंटेंट कैप्चर कर सकते हैं, उसे तैयार कर सकते हैं और शेयर कर सकते हैं।

ओप्पो फाइंड एक्स 10 सीरीज में ऐसा कैमरा सिस्टम दिया गया है, जिसे वास्तविक जीवन में दिखाई देने वाले दृश्यों के और करीब तस्वीरें लेने के लिए तैयार किया गया है। फाइंड एक्स 10 में डुअल 200 एमपी कैमरा सिस्टम दिया गया है, जबकि ओप्पो फाइंड एक्स 10 प्रो मैक्स में क्रांतिकारी ट्रिपल 200 एमपी कैमरा सिस्टम पेश किया गया है। इसमें पीछे दिए गए तीनों कैमरों में 200 एमपी का रिजॉल्यूशन मिलता है। हैसलब्लैड के साथ मिलकर विकसित किए गए इस कैमरा सिस्टम में नया ल्यूमो ट्रू इमेज इंजन और दूसरी पीढ़ी का ट्रू कलर कैमरा दिया गया है, जो तस्वीरों में प्राकृतिक रंग, टोन और बारीकियों को बेहतर तरीके से पेश करता है। वहीं, ल्यूमो कलर पैलेट की मदद से यूजर्स इन प्राकृतिक रंगों के आधार पर अपनी पसंद की अलग स्टाइल तैयार कर सकते हैं। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी इसमें सिनेमाई स्तर के फीचर्स दिए गए हैं। इनमें 4 के सिने–ग्रेड एचडीआर वीडियो, डॉल्बी विजन और ओपन गेट कैप्चर शामिल हैं।

नया कलरओएस 17 एआई माइंड पायलट के साथ आता है, जिसमें एजेंट मोड दिया गया है। यह डिवाइस में मौजूद फोटो और फाइलों के साथ काम करके कई चरणों वाले कार्यों को पूरा कर सकता है।इस सीरीज में 8000 एमएएच तक की बैटरी दी गई है। वहीं, ओप्पो फाइंड एक्स 10 प्रो मैक्स में 2 एनएम तकनीक पर आधारित मीडियाटेक डाइमेंसिटी 9600 प्रो प्रोसेसर दिया गया है। इसके अलावा, सीरीज में नया बॉर्डरलेस डिजाइन भी पेश किया गया है।

ओप्पो फाइंड एक्स 10 सीरीज के साथ ओप्पो पैड मिनी भी पेश किया गया है। यह कंपनी का पहला कॉम्पैक्ट 8.8 इंच का टैबलेट है, जिसमें छोटे और आसानी से साथ ले जाने योग्य डिजाइन के साथ फ्लैगशिप स्तर की परफॉर्मेंस और एआई आधारित प्रोडक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, ओप्पो एनको एक्स 4 भी पेश किया गया है, जिसे डाइनऑडियो के साथ मिलकर विकसित किया गया है। इसमें शानदार साउंड क्वालिटी के साथ प्रीमियम ऑडियो अनुभव मिलता है। ये दोनों डिवाइस स्मार्टफोन से आगे ओप्पो के फ्लैगशिप अनुभव का विस्तार करते हैं। इनकी मदद से यूजर्स रोजमर्रा के कामों में बेहतर कनेक्टिविटी, उत्पादकता, रचनात्मकता और मनोरंजन का सहज अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

लिसाड़ी गेट थाने में समाधान दिवस के बाद जनसुनवाई

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। पुलिस अधीक्षक नगर ने आज थाना लिसाड़ी गेट पर आयोजित समाधान दिवस के उपरांत जनसुनवाई की।

इस दौरान फरियादियों की समस्याएं व शिकायतें गंभीरता से सुनी गईं।एसपी नगर ने शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।