
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-10 मेरठ ने थाना सिविल लाइन को FIR दर्ज कर जांच का आदेश दिया है। आदेश न्यायमूर्ति अंजू सैनी ने 30 सितंबर 2026 को वाद संख्या 2130/2026 मारूफ अली बनाम पुनीत गुप्ता में दिया।
मारूफ अली के अनुसार, उनके बहनोई मोहम्मद अमन गुर्दा रोग से पीड़ित थे। आरोप है कि 25 अप्रेल 2024 को रेजिडेंशियल लैब में क्रिएटिनिन 0.6 और यूरिया 30.2 सामान्य होने के बावजूद डॉक्टरों ने डायलिसिस जारी रखी। 09 अप्रैल से 28 अप्रैल 2024 के बीच रिपोर्ट सामान्य होने पर भी डायलिसिस करने से मरीज की हालत बिगड़ी और 01 मई 2024 को मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई।
मारूफ ने पुलिस, मुख्यमंत्री पोर्टल और एसएसपी, डीएम को शिकायत दी, पर कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कोर्ट में धारा 173(4) BNSS के तहत प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया अपराध बनता है और पुलिस विवेचना जरूरी है। थानाध्यक्ष सिविल लाइन को FIR दर्ज कर तय समय में आख्या न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए हैं।


