
नित्य संदेश ब्यूरो
बागपत। खड़खड़ी गांव से दो दिन से लापता विवाहिता रुबीना (26) का शव शनिवार सुबह बिजरौल-वाजिदपुर मार्ग के पास गन्ने के खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के गले पर निशान और शरीर पर नीले निशान पाए गए हैं, जिससे जहर देकर गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।
मृतका रुबीना पुत्री इरफान, गांव आसिफपुर खड़खड़ी की रहने वाली थी। करीब तीन वर्ष पहले उसका निकाह मुजफ्फरनगर के पुरबालियान गांव निवासी अलीशान के साथ हुआ था, जो सेना में जवान है और वर्तमान में कश्मीर में तैनात बताया जा रहा है। मृतका की मां तसमीना के अनुसार, शादी के ढाई महीने बाद ही ससुराल वालों ने मारपीट कर रुबीना को घर से निकाल दिया था। समझौते के बाद पति उसे दोबारा ले गया, लेकिन छह महीने बाद फिर मारपीट कर निकाल दिया। इसके बाद रुबीना पिछले करीब दो वर्षों से मायके में रह रही थी। दंपति का दो साल का एक बेटा भी है। दहेज विवाद को लेकर पति-पत्नी के बीच अदालत में मुकदमा विचाराधीन है और 26 अक्टूबर को खर्च के मामले में सुनवाई होनी थी, यानी तारीख से ठीक चार दिन पहले यह वारदात हुई।
बताया जा रहा है कि छुट्टी पर घर आया अलीशान गुरुवार को बड़ौत पहुंचा था और उसने फोन व व्हाट्सएप मैसेज कर रुबीना को गांव बिजरौल बुलाया था। इसके बाद रुबीना घर नहीं लौटी। शाम छह बजे तक बेटी के न लौटने पर मां ने अलीशान को फोन किया तो उसने टालमटोल कर दिया। उसी दिन परिजनों ने पुलिस चौकी पर गुमशुदगी की सूचना दी थी।
शनिवार सुबह नौ बजे वाजिदपुर में सतपाल के गन्ने के खेत में किसानों ने शव देखा तो पुलिस और परिजनों को सूचना दी। इस मामले में मृतका के भाई आजाद ने पति अलीशान, सास बलीस, देवर सुहेल, ननद फहीना व अमर तथा अलीशान के मामा जुबेद्दीन के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर क्राइम वीरेंद्र सिंह के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।


