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प्रेम, विरह और स्मृतियों का काव्य-दस्तावेज है ‘रक्षायन’ : विवि में हुआ भव्य विमोचन

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। वरिष्ठ साहित्यकार जगतवीर त्यागी के खंडकाव्य ‘रक्षायन’ का भव्य विमोचन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में आयोजित साहित्यिक समारोह में किया गया।

अराध्या प्रकाशन, मेरठ द्वारा प्रकाशित इस कृति में लेखक ने अपनी दिवंगत पत्नी रक्षावती की स्मृतियों को प्रेम, विरह और समर्पण के भावों के साथ काव्यबद्ध किया है। समारोह की अध्यक्षता डॉ. किरण सिंह ने की। शुभारंभ डॉ. नीलम मिश्रा ‘तरंग’ की सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद रक्षावती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। डॉ. किरण सिंह ने समीक्षा में कहा कि ‘रक्षायन’ व्यक्तिगत अनुभूति से आगे बढ़कर मानवीय संवेदनाओं का दस्तावेज है। सच्चा प्रेम शारीरिक उपस्थिति तक सीमित नहीं रहता, वह स्मृतियों में जीवित रहता है।

समारोह में शायर बिजेंद्र परवाज, राष्ट्रीय कवयित्री तुषा शर्मा सहित डॉ. बलराम त्यागी, उमेश त्यागी, पूनम त्यागी, सुषमा सवेरा, अरुणा पवार, तरुण रस्तोगी, धर्मपाल आर्य, डॉ. संदीप कौशिक सहित अनेक साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया। संचालन डॉ. सुदेश यादव ‘जख्मी’ ने किया।

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