
रवि गौतम
नित्य संदेश, परीक्षितगढ़। महर्षि वाल्मीकि में जयंती के अवसर परीक्षितगढ़ नगर के मवाना स्टैण्ड स्थित वाल्मीकि मंदिर पर अखिल विद्या सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में हनुमान चालीसा संग संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया जिसमें ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु अवतार रुहेला ने राम कथा सुनाई
वही महर्षि वाल्मीकि के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन करते हुए कहा कि राम जी का उल्टा नाम जपते जपते वाल्मीकि त्रिकालदर्शी ऋषि बन गये उन्होंने रामायण जैसा महान ग्रन्थ भगवान राम के जीवन काल मे ही रचा माता सीता को अपने आश्रम में स्थान दिए और उनके पुत्रों लव कुश को गीत संगीत आदि की शिक्षा दी और श्री राम के सामने उन्हीं की कथा प्रस्तुत कराई ऐसे महान परम ज्ञानी महर्षि वाल्मीकि को शत शत नमन करते हैं
राम कथा में रामनारायण शर्मा, कपिल यादव, निशांत गर्ग ने भी एक से बढ़कर एक भजन सुनाए और राम गुणगान किया इस अवसर पर पवन लोहारे, कपिल वाल्मीकि, पवन शर्मा, किशोर वाल्मीकि, समस्त महर्षि वाल्मीकि मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं नगर वासी मौजूद रहे


