
- पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के आमंत्रण पर हुई थी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा, दोनों विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू के बाद इरेस्मस+ KA171 परियोजना को यूरोपीय संघ की मंजूरी
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की दिशा में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पोलैंड की प्रतिष्ठित पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज (Poznań University of Life Sciences) के साथ विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सहयोग अब नई ऊंचाई पर पहुंचने जा रहा है।
यूरोपीय संघ की इरेस्मस+ KA171 परियोजना के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच प्रस्तावित सहयोग को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इस परियोजना में सीसीएसयू को अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थान के रूप में चुना गया है।इस उपलब्धि के पीछे दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे संस्थागत प्रयास महत्वपूर्ण रहे हैं। पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के आमंत्रण पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने पोलैंड का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक, शोध एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई थी।
इसी क्रम में दोनों संस्थानों के बीच एमओयू (समझौता ज्ञापन) भी हुआ था। इस यात्रा के दौरान विकसित हुए अकादमिक संपर्क और आपसी सहमति के परिणामस्वरूप अब इरेस्मस+ KA171 परियोजना में सीसीएसयू की भागीदारी को यूरोपीय संघ से वित्तीय स्वीकृति मिली है। इसे विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।
फरवरी 2026 में पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज की ओर से प्रस्तुत इस परियोजना को 100 में से 88 अंक मिले हैं। कड़ी प्रतिस्पर्धा और सीमित बजट के बावजूद विश्वविद्यालय को प्रस्तावित 240 मोबिलिटी में से केवल 34 के लिए वित्तीय सहायता मिली है। इनमें सीसीएसयू के साथ शैक्षणिक सहयोग का चयन होना विश्वविद्यालय के लिए विशेष उपलब्धि है।यह परियोजना दो वर्षों तक संचालित होगी। इसके अंतर्गत पोलैंड के पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज का एक शिक्षक चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय आएगा और यहां शिक्षण एवं शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेगा।
पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और भौतिक विज्ञान जैसे विषयों में विशेषज्ञ व्याख्यान, अकादमिक संवाद और शोध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।इससे विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को यूरोपीय उच्च शिक्षा प्रणाली, आधुनिक शोध पद्धतियों और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक अनुभवों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
परियोजना के अगले चरण में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच इंटर-इंस्टीट्यूशनल एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शिक्षक के आगमन और शैक्षणिक कार्यक्रमों की तिथियां निर्धारित होंगी। वैश्विक सहयोग से खुलेगा शोध का नया रास्ताकुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। इरेस्मस+ जैसी परियोजनाएं विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर सीखने, शोध करने और अपने ज्ञान को व्यापक बनाने का अवसर प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास प्रतिष्ठित विदेशी संस्थानों के साथ दीर्घकालिक शैक्षणिक संबंध विकसित करना है।सीसीएसयू के निदेशक, शोध प्रो. बीर पाल सिंह ने कहा कि इरेस्मस+ KA171 परियोजना के अंतर्गत चयन अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विश्वविद्यालय में अनुसंधान एवं नवाचार की नई संभावनाएं विकसित होंगी।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग समन्वयक प्रो. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के साथ यह सहयोग विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण अभियान को गति देगा। हमारा प्रयास है कि भविष्य में इसे द्विपक्षीय शिक्षक एवं विद्यार्थी आदान-प्रदान और संयुक्त शोध कार्यक्रमों तक विस्तारित किया जाए।पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज की एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. अंशु रस्तोगी ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2027 में प्रस्तावित अगले इरेस्मस+ आवेदन चक्र में दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए द्विपक्षीय शैक्षणिक आदान-प्रदान की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुनः संयुक्त प्रस्ताव प्रस्तुत करने की योजना है।इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक विस्तार, शोध सहयोग और वैश्विक स्तर पर अकादमिक पहचान मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


