नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। क्रांति धरा मेरठ ने बुधवार को फिर एक बार इतिहास दोहरा दिया। जिस धरती ने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल बजाया था, उसी धरती पर बुधवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित अखंड भारत दिवस के अवसर पर ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा शहर थम सा गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक विशाल और भव्य तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें जिले के 50 से अधिक स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अखंड भारत का संकल्प लिया।
कैलाश प्रकाश से कमिश्नरी तक, पूरा रूट रहा जाम:
भव्य रैली का शुभारंभ सुबह कैलाश प्रकाश स्टेडियम से किया गया। स्टेडियम में हजारों बच्चों का हुजूम देखते ही बनता था। हाथों में 20 फीट लंबा तिरंगा, नेताजी की तस्वीर और अखंड भारत के नारे लिखी तख्तियां। वहाँ से रैली का काफिला वेस्टर्न कचहरी रोड होते हुए कमिश्नरी चौराहे की ओर बढ़ा। इस दौरान पूरे मार्ग पर दोनों तरफ हजारों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद रैली नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क पहुंची, जहाँ बच्चों ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और अंत में रैली वापस कैलाश प्रकाश स्टेडियम में पहुंचकर संपन्न हुई।
महानगर में जाम, फिर भी नहीं रुका जोश:
रैली के कारण वेस्टर्न कचहरी रोड, कमिश्नरी रोड और आसपास के सभी मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बन गई। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग घंटों जाम में फंसे रहे, लेकिन इसके बावजूद किसी ने भी नाराजगी नहीं जताई। जाम में फंसे लोगों ने गाड़ियों से उतरकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया और “भारत माता की जय” के नारे लगाए।
भारी पुलिस बल तैनात, छात्रों में दिखा अद्भुत जोश:
प्रशान ने पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरे रूट पर भारी पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। अधिकारियों ने खुद लाठी लेकर मोर्चा संभाला।
वहीं छात्र-छात्राओं का जोश देखते ही बनता था। कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद बच्चे लगातार 3 घंटे तक बिना रुके चलते रहे। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा”, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस अमर रहें” और “अखंड भारत अमर रहे” के नारों से पूरी क्रांति धरा गूंजती रही। सुभारती विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि नेताजी के सपनों का अखंड भारत बनाने के लिए युवाओं को एकजुट करना ही इस रैली का मुख्य उद्देश्य था और बुधवार को मेरठ ने यह साबित कर दिया।


