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श्री रामलीला दशहरा कमेटी कसेरू खेड़ा अध्यक्ष विनोद सोनकर ने बताया की दशहरा मेला

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयदशमी का पर्व मंगलवार को हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। अध्यक्ष विनोद सोनकर ने बताया मवाना रोड स्थित कसेरूखेड़ा में श्री रामलीला दशहरा कमेटी की ओर से भव्य दशहरा मेले का आयोजन किया गया। मेले में उमड़ी भारी भीड़, रामलीला के शानदार मंचन, मनमोहक झांकियों और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी। देर रात 80 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

दशहरा मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश खटीक और सांसद राजकुमार सांगवान व सोनू कैलाशी ने संयुक्त रूप से किया। विशिष्ट अतिथि रंजन शर्मा शहर अध्यक्ष ने दीप प्रज्वलित किया। मुख्य अतिथि दिनेश खटीक राज्य मंत्री और अध्यक्ष विनोद सोनकर ने राम दरबार की आरती कर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लिया। विकास उपाध्याय, महेश सैनी, रॉबिन शिवाज, दारा सिंह प्रजापति सहित,व अन्य अतिथियों ने भी भगवान श्रीराम और माता सीता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। नीरज मित्तल और सोनू कैलाशी ने मेले के सफल आयोजन के लिए कमेटी अध्यक्ष विनोद सोनकर और सभी सदस्यों को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन कमेटी अध्यक्ष विनोद सोनकर व संजय प्रजापति ने किया।

घूमती गर्दन और अंगारों जैसी आंखों वाले रावण ने मोहा मन

मेले में आकर्षण का प्रमुख केंद्र 80 फुट ऊंचा रावण का विशाल पुतला रहा। रावण की घूमती गर्दन, लाल अंगारों के समान दहकती आंखें और पैरों में पहनी जयपुरी जूतियां दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। रावण के विशाल स्वरूप को देखने के लिए लोग देर रात तक मैदान में डटे रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में मेले को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

राम-रावण युद्ध के मंचन पर गूंजे जय श्रीराम के जयकारे

दशहरा मेले में रामलीला के प्रमुख प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। सीता हरण, लंका दहन, मेघनाद वध, कुंभकरण वध और भगवान श्रीराम तथा रावण के बीच हुए युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। श्रीराम, हनुमान, रावण और कुंभकरण सहित विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाने वाले कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। राम-रावण युद्ध के मंचन के दौरान मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। सुंदर-सुंदर झांकियों और डांस ग्रुप की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भी मेले में चार चांद लगा दिए।

आतिशबाजी और बिजली की सजावट ने बिखेरी छटा

मेले में की गई आकर्षक विद्युत सजावट और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया। मैदान में चारों ओर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। बच्चों ने मिक्की माउस और विभिन्न झूलों का आनंद लिया तथा खिलौनों की खरीदारी की। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर खरीदारी करने के साथ गोलगप्पे और टिक्की का स्वाद लिया। वहीं, युवाओं और पुरुषों को गुब्बारों पर निशाना साधते हुए देखा गया। मेले में मूंगफली सहित खानपान की अन्य दुकानों पर भी खूब भीड़ रही। दर्शकों की भारी भीड़ से दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए।

रात 12 बजे हुआ 80 फुट ऊंचे रावण का दहन

दशहरा मेले का सबसे रोमांचक क्षण रात करीब 12 बजे आया, जब 80 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे कलाकार ने जैसे ही रावण के पुतले में आग लगाई, कुछ ही मिनटों में विशाल पुतला धू-धू कर जल उठा और जलकर भस्म हो गया। इस दौरान पूरा मेला मैदान जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। रावण दहन के साथ ही मेले में उपस्थित लोगों को सत्य की विजय और बुराई के अंत का संदेश दिया गया।

कमेटी के सदस्यों और पुलिस का रहा सहयोग

दशहरा मेले के सफल आयोजन में लालकुर्ती पुलिस, सेना पुलिस और श्री रामलीला दशहरा कमेटी के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। आयोजन को सफल बनाने में कमेटी अध्यक्ष विनोद सोनकर, संरक्षक ज्ञान दीक्षित, पुष्पेंद्र शर्मा, आनंद कोरी, गोल्डी, मनीष गुप्ता, जयप्रकाश, कन्हैया लाल, पुष्पेंद्र कुमार, जियालाल, मनोज कुमार, नंदकिशोर मीणा, मनीष कुमार, सत्यप्रकाश, विनय वत्स, अरुण कुमार, जयप्रकाश सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

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