
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सरूरपुर थाना क्षेत्र के हर्रा गांव के पूर्व प्रधान तैयब चौहान का बुधवार को साकेत स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उन्हें छह दिन पहले 15 अक्तूबर को ब्रेन हेमरेज होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निधन की खबर फैलते ही हर्रा और आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बुधवार को अस्पताल प्रशासन ने पैसे जमा कराने को कहा। परिजनों ने जल्द पैसे देने की बात कही, लेकिन गंभीर हालत के बावजूद अस्पताल ने आगे इलाज करने से मना कर दिया। शाम को पूर्व प्रधान की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मौत की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल हो गया। ग्रामीणों ने जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार व डॉक्टरों से पूरे मामले की जानकारी ली।
तैयब चौहान वर्ष 2005 से 2010 तक हर्रा-खेड़ी के ग्राम प्रधान रहे थे। उनके निधन की खबर से कस्बे में शोक छा गया। बुधवार को जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया और श्रद्धांजलि दी।
अधिकारी ने क्या कहा
मौके पर पहुंची सीओ सिविल लाइन दीक्षा भौरिया ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।


