
- 3 करोड़ 15 लाख के बीटूबी समझौतों से बढ़ेंगी व्यावसायिक संभावनाएं
नित्य सदेश ब्यूरो
मेरठ। हुनर को बाजार मिला तो कारोबार ने भी रफ्तार पकड़ ली। किसी कारोबारी को लाखों रुपये के ऑर्डर मिले तो किसी को नए खरीदारों से जुड़कर अपना कारोबार बढ़ाने का मौका मिला। मेरठ में आयोजित मंडलीय खादी महोत्सव छोटे कारोबारियों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए बड़ा कारोबारी मंच बनकर उभरा।
पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में 10 दिन तक चले महोत्सव में करीब 5.35 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इसमें 2.20 करोड़ रुपये की नकद बिक्री दर्ज की गई। रविवार शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के बीच महोत्सव का समापन हुआ। उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से आयोजित महोत्सव में 110 स्टॉल लगाए गए थे। इनमें खादी के वस्त्र, बनारसी साड़ियां, क्रॉकरी, माटीकला के उत्पाद, हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और महिलाओं के गृह उद्योगों से जुड़े उत्पाद शामिल रहे। अचार, विभिन्न प्रकार के मसाले और शहद जैसे उत्पाद भी ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बने। मेरठ के लोगों ने महोत्सव में पहुंचकर अपनी पसंद के उत्पादों की खरीदारी की। इससे स्थानीय और दूसरे जिलों से आए कारोबारियों को बिक्री बढ़ाने के साथ अपने उत्पादों की पहचान नए ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिला।

बड़े ऑर्डर से कारोबारियों को मिली नई उम्मीद
हाथरस से आए आर्य हींग के संचालक कमलकांत दीक्षित ने बताया कि उन्हें महोत्सव में चार बड़े ऑर्डर मिले हैं। इससे शुरुआती वर्ष में ही 10 लाख रुपये से अधिक का सालाना कारोबार होने की उम्मीद है। वहीं, सीमा सागर माटीकला की संचालिका सीमा को ब्लैक पॉटरी और सिरेमिक टेराकोटा उत्पादों के पांच लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले। मुरादाबाद के एचआरके हैंडीक्राफ्ट को करीब दो लाख रुपये के ऑर्डर मिले, जबकि महोत्सव के दौरान ढाई लाख रुपये से अधिक की नकद बिक्री हुई। भदोही के मोबिन शाह हैंडीक्राफ्ट के संचालक मोबिन शाह को कालीन के सात लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले। सहारनपुर के क्लासिक वुड हैंडीक्राफ्ट के संचालक इकबाल अहमद ने भी महोत्सव में अच्छा कारोबार होने की बात कही। रैंट्रोव नेचुरल्स की राखी चौधरी ने 13 लाख 55 हजार के बीटूबी ऑर्डर मिलने की बात कही।

बीटूबी समझौतों से नए बाजारों तक पहुंचने की राह
महोत्सव में खुदरा बिक्री के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस (बीटूबी) स्तर पर भी समझौते हुए। इससे कारोबारियों को बड़े खरीदारों से जुड़ने और भविष्य में व्यावसायिक संबंध विकसित करने का अवसर मिला। खादी, हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्योगों से जुड़े उद्यमियों ने अपने उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने और कारोबार विस्तार की संभावनाएं तलाशीं। ऐसे मंच छोटे कारोबारियों को सीधे ग्राहकों और संभावित व्यावसायिक साझेदारों तक पहुंचने में मददगार साबित होते हैं।

कमलकांत दीक्षित बिक्री में अव्वल, तीन कारोबारी सम्मानित
रविवार शाम आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने सर्वाधिक बिक्री करने वाले तीन कारोबारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हींग के व्यापारी कमलकांत दीक्षित ने 5,61,811 रुपये की बिक्री कर पहला स्थान हासिल किया। भारतीय ग्रामीण विकास, मेरठ के अजय सिंह 4,20,000 रुपये की बिक्री के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि रैंट्रोव नेचुरल्स की राखी अघेरा ने 3,69,000 रुपये की बिक्री कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इन्होंने कहा
परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी सुश्री मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि महोत्सव ने खादी, माटीकला और हस्तशिल्प से जुड़े कारोबारियों को अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने, नए खरीदारों से संपर्क बनाने और ग्रामीण उद्योगों को बाजार से जोड़ने का अवसर दिया। दस दिनों में हुए 5.35 करोड़ रुपये के कारोबार ने महोत्सव को कारोबारियों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक मंच के रूप में स्थापित किया।


