नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जब देश का बंटवारा हुआ, तब बड़ी संख्या में लोग जल्दबाजी में अपना मुल्क छोड़ पाकिस्तान तो चले गए, लेकिन उनकी संपत्तियां यहीं रह गईं। यह संपत्तियां बेशकीमती हैं, जिन्हें लेकर अब सरकारी अमला भी एक्टिव मोड में आ चुका है। दरअसल, शत्रु संपत्तियों में शुमार इस प्रकार की संपत्तियों की संख्या अकेले मेरठ में ही 122 है, जिनकी कीमत करोड़ों में है।
मेरठ जनपद में जो 122 संपत्तियां हैं, उनमें शहर में कुल 45 आवासीय संपत्तियां हैं। इसके अलावा, काफी संपत्तियां ग्रामीण क्षेत्रों में भी हैं, जो कृषि भूमि के रूप में है। इनमें से अधिकतर पर अवैध कब्जे हैं। इन बेशकीमती शत्रु संपत्तियों को लेकर अब केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। वह अब इन संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर इसकी नीलामी कर रही है। हालांकि सरकार इन संपत्तियों का नए-नए सिरे से आंकलन भी कर रही है। बता दें कि पाकिस्तान जाने वाले लोगों की संपत्तियों की देख-रेख का जिम्मा शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय का है। पता चला है कि जहां मेरठ में यह शत्रु संपत्तियां 122 हैं, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या डेढ़ हजार से अधिक है। इन संपत्तियों में कृषि से लेकर आवासीय और व्यवसायिक सभी प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से कई संपत्तियां तो ऐसी हैं, जिन पर वे लोग काबिज हैं, जिनके पास सरकारी लीज पर यह संपत्तियां थीं और बाद में उनका रिन्यूवल नहीं हो पाया। अब सरकार इन संपत्तियों से अवैध कब्जे हटकर इनको नीलम करेगी। अधिकतर संपत्तियां शहर के अलावा सरधना और मवाना में भी हैं।
शहर के अलावा सरधना व मवाना क्षेत्र में संपत्तियां
बताया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो शत्रु संपत्तियां हैं, उनमें से अधिकतर कृषि भूमि हैं। मेरठ में ऐसी ही 19 कृषि संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराकर नीलामी की सूची में शामिल किया गया है। हालांकि, नीलामी से पहले इन संपत्तियों का नए से मूल्यांकन भी कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जितनी भी शत्रु संपत्तियां हैं उन्हें लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में स्थानीय जिला प्रशासन के अधिकारियों को निस्तारण संबंधी दिशा निर्देश जारी किए थे।


