नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। 21 अक्टूबर 1943 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। इसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद की अंतरिम सरकार की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन बुधवार 21 अक्टूबर को सुबह 9 बजे कैलाश प्रकाश स्टेडियम में होगा। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आजाद हिंद फौज के वीर सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के योगदान, त्याग और शौर्य को नमन किया जाएगा। सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि 21 अक्टूबर 1943 केवल सरकार के गठन का दिन नहीं था, बल्कि यह पराधीन भारत के लिए स्वतंत्रता, स्वाभिमान और आत्मनिर्णय के अडिग संकल्प की ऐतिहासिक अभिव्यक्ति थी। नेताजी का जीवन और नेतृत्व साहस, दूरदृष्टि, बलिदान और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजाद हिंद सरकार और आजाद हिंद फौज का इतिहास हमें याद दिलाता है कि भारत की स्वतंत्रता अनेक आंदोलनों, विचारों और असाधारण बलिदानों से आकार पाई। नेताजी के नेतृत्व में स्वतंत्रता का संदेश देश की सीमाओं से परे दक्षिण-पूर्व एशिया में रह रहे भारतीयों तक पहुंचा। असंख्य भारतीयों ने स्वतंत्रता के लिए धन, संसाधन, समय और जीवन समर्पित किया।
महत्व को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना उद्देश्य
डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व का उद्देश्य 21 अक्टूबर के ऐतिहासिक महत्व को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना और नेताजी सुभाष चंद्र बोस व आजाद हिंद फौज के योगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। इतिहास की स्मृति तभी सार्थक है जब वह वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्र, उसकी एकता, स्वतंत्रता और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करे। उन्होंने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तावित रैली व अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से नेताजी के विचारों, आजाद हिंद फौज के शौर्य और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
भारत के गौरवशाली इतिहास को याद करना
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास को याद करने, स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और लोगों में देशभक्ति व राष्ट्रीय चेतना का भाव जगाने का महत्वपूर्ण अवसर है। मीडिया समन्वयक गुंजेश ओझा ने सभी सम्मानित संपादकों, ब्यूरो प्रमुखों और मीडिया प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।


