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ड्राइंग कंपटीशन के विजेताओं को पुरस्कृत किया

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। वंचितों हेतु संचालित शिक्षासेतु मिशन ने शनिवार को ड्राइंग कंपटीशन के विजेताओं को पुरस्कृत किया।

प्रतिभा विकास कार्यक्रम के तहत हुए ड्राइंग कंपटीशन में अंबेडकर इंटर कॉलेज में 10वीं के छात्र रूपेश, 12वीं के छात्र अर्जुन व शौर्य गर्ग को उनके बनाए चित्रों के आधार पर पुरस्कार हेतु चुना गया। तीनो विजेताओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक कैनवास, एक्रेलिक कलर बॉक्स,ब्रश सैट व नगद धनराशि प्रदान की गई।

सर्वोत्तम चित्र कार एवं मूर्तिकार रुपेश को मनीषा अग्रवाल ने पुरस्कार स्वरूप वुडन ऐसेल (स्टैंड)प्रदान किया। शिक्षासेतु द्वारा फीस, बुक्स, ड्रेस आदि की सहायता के साथ-अभावग्रस्त विद्यार्थियों की कला निखार कर उन्हे प्रोत्साहित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि धूल में पड़े वे हीरे तराशे जा सकें, जो निर्धनता के चक्र में फंसे हैं। जल्द ही खेल, संगीत और विज्ञान में अग्रणी साधनहीन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा।

जत्रा के आगाज में सजी मराठी व्यंजनों की दावत,

महाराष्ट्र के कलाकारों ने लावणी की प्रस्तुति से बांधा समा

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। सर्व मराठी भाषीय सोशल एंड कल्चरल सोसायटी के मेगा इंवेंट ‘जत्रा मराठी वारसा फेस्टिवल‘ का आगाज 23 अक्टूबर शुक्रवार को दोपहर 2 बजे हुआ। यह आयोजन तीन दिन तक चलेगा। जहां तीन दिन (23, 24 एवं 25 अक्टूबर ) तक अनवरत स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद बिखरेगा। विजय नगर के सत्यसाई चौराहा स्थित गुजराती स्कूल के ग्राउंड पर जत्रा मराठी वारसा फेस्टिवल को बेहद खूबसूरत अंदाज में सजाया गया है, जिसकी छटा देखते ही बन रही है।

स्वादिष्ष्ट व्यंजनों से महकने लगी जत्रा

आयोजन समिति की अध्यक्षा स्वाति काशिद ने बताया कि मराठी व्यंजनों के 50 से अधिक स्टाॅल पर व्यंजन बनकर तैयार है, यहां स्वादिष्ट व्यंजनों की महकने लगे है। इसी के साथ ट्रेड जोन भी लग चुका है। यह जत्रा शुक्रवार से तीन दिन 23, 24 एवं 25 अक्टूबर 2025 रविवार तक रहेगी। जत्रा का आगाज रविवार दोपहर 2 बजे समेत अनेक विशिष्ठजनों की मौजूदगी में किया गया।

देर रात तक चलेगी ‘जत्रा‘

एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर हो रहे आयोजन में जहां महाराष्ट्र की लोककला जीवंत रूप ले रही है वहीं शाम होते होते लावणी कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सोसायटी के सदस्यों द्वारा जत्रा में शिवाजी महाराज के प्रतापगढ़ किले को बनाया गया है।

महाराष्ट्र से लोकनृत्य लावणी महाराष्ट्रचे मानकारी कलाकारों की प्रस्तुति

परिसर को भगवा थीम पर सजाया गया है। इस आयोजन के लिए ‘महाराष्ट्राचे मानकरी‘ नाम की कलाकारों की टीम इंदौर पहुंच चुकी है। यह टीम नामवंत कलाकरों की टीम है जो अनेक पुरस्कार पा चुकी है। साईं समर्थ प्रोडक्शन पुणे के 22 कलाकार इंदौर जत्रा में प्रस्तुति देने आए हुए है। जत्रा के मंच से इंदौर में तीन दिन महाराष्ट्र एवं महाराष्ट्रीयन कल्चर का स्वरुप दिखाया जाएगा जिसमे लावणी के साथ विशेष प्रस्तुतिया जैसे आई चा गोंढल, विट्ठल रुक्मणि, स्वामी समर्थ एवं अन्य स्वरुप में कलाकर अपनी प्रस्तुति देंगे।

जत्रा में ठेठ गावठीं व्यंजनों के स्टाॅल सजे

जत्रा में झुणका भाकर, बासुंदी, भरली वांगी ठेसा भाकर, आप्पे, ओल्या नारळाच्या करंज्या, अनारसे, साबुदाना वडा, पुराणपोळी, वड़ा पाव, मिसळ पाव, धपाटे, मराठमोळी, रासमालाई, मिक्स भाजीए, कढी गोळा, भरीत-भाकरी, चकली, मुंबई ची स्वादिष्ट भेळ, चिरोटे, श्रीखंड-पुरी, जिलेबी, भाकरवडी, चटपटा मसाला भात, शीतल पेय, सांबर वडी, वाटली दाळ, कोथिंबीर वडी, धिरडे,(चिले) कलाकंद, मुंग हलवा जैसे व्यंजन गरमा गरम खाने को मिलेंगे साथ ही जत्रा में पहली बार कढ़ी कोडूले एवं मोदक ची भाजी भी शामिल की गयी है।

जेएमएल ग्रुप द्वारा गरबा-डांडिया रास का आयोजन

नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर।
जेएमएल ग्रुप द्वारा 23 अक्टूबर को भंडारी रिसॉर्ट, इंदौर में भव्य गरबा एवं डांडिया रास का आयोजन किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम में पारंपरिक गरबा, डांडिया और संगीत के माध्यम से उत्साह एवं उमंग का माहौल बना रहा।

इस आयोजन की आयोजनकर्ता मोनिका इनानी, लवीना नेमा एवं ज्योति मेशेश्वरी हैं। यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समर्पित एक यादगार शाम हुई।

इंदौर के भक्तों को रास में सीधे प्रवेश मिल सकता है : इन्द्रेश जी महाराज

एमआर-10 स्टार चौराहे पर श्रीमद्भागवत कथा शुरू, महादेव को बताया पंच रसों का अधिष्ठाता

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। इंदौर ऐसी पुण्य भूमि है, जिसके एक ओर महाकाल और दूसरी ओर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग हैं। यहां के भक्तों को रास में सीधे प्रवेश मिल सकता है।’ यह बात पूज्य इन्द्रेश जी महाराज ने शुक्रवार को एमआर-10 स्टार चौराहे पर शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कही। कृष्ण भक्ति के भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महाराज ने कहा कि इंदौर से उनका गहरा नाता है। उनके माता-पिता मानते थे कि यहां के एक महात्मा के आशीर्वाद से उनका जन्म हुआ। यहां के युवाओं से उन्हें हमेशा प्रेम मिला है। शुक्रवार सुबह 6 बजे भी बड़ी संख्या में युवा एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी के लिए पहुंचे।

गोयल परिवार की ओर से पूज्य माताजी स्व. चमेलीदेवी गोयल और पिताजी स्व. श्रीमन्नालाल गोयल की स्मृति में कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजक आशीष गोयल के अनुसार, परिवार में गुरुजनों के प्रति श्रद्धा और सम्मान की परंपरा रही है। इसी भावना के साथ यह धार्मिक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी मिलेगा।

भक्ति से जुड़ने का मिलेगा मौका…

यजमान आशीष गोयल ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि महाराज जी अपने ठाकुर जी राधा गिरधर और अर्धांगिनी के साथ पधारे हैं। 7 दिन तक उनके सानिध्य में कथा का श्रवण करना पूरे शहर के लिए सौभाग्य की बात है। यह आयोजन केवल कथा सुनने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़ने और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का भी माध्यम है। महाराज जी के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे।

श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए

‘गिरधारी कहो बनवारी’ भजन की शुरुआत के साथ ही पंडाल में भक्ति और उल्लास का ऐसा रंग चढ़ा कि हर कोई झूमने लगा। इसके बाद महाराज ने ‘श्याम संग राधा नाचे रे’, ‘जगन्नाथ’ और ‘रास रचाई’ भजनों को एक के बाद एक जोड़कर सुनाया। भजनों की लय और कृष्ण नाम की गूंज के बीच श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। कोई हाथ उठाकर झूम रहा था, तो कोई तालियां बजाते हुए भक्ति में डूबा था। देखते ही देखते पूरा पंडाल नाचने लगा। हर तरफ कृष्ण भक्ति, संगीत और आनंद का ऐसा माहौल बना कि श्रद्धालु भजनों के सुरों के साथ भावविभोर होकर झूमते रहे।

भक्ति के पांच रस, महादेव में सभी विद्यमान

कथा में इन्द्रेश जी महाराज ने भक्ति के पांच रसों शांत, दास्य, सख्य, वात्सल्य और श्रृंगार का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शांत रस में भक्त अपनी भक्ति का दिखावा नहीं करता, जबकि दास्य रस में भगवान के प्रति सेवाभाव रहता है। सख्य रस में मित्रता, वात्सल्य रस में माता-पिता जैसा स्नेह और श्रृंगार रस में प्रेमभाव से आराधना की जाती है। मीरा बाई और रानी रत्नावती जैसे भक्तों ने प्रेमभाव से ठाकुरजी की पूजा की। महाराज ने कहा कि भक्त जिस रस से भगवान की आराधना करता है, वह दूसरे रस में प्रवेश नहीं कर सकता। हालांकि महादेव पंच रसों में विद्यमान हैं और सभी रसों के अधिष्ठाता हैं।

नरसी मेहता की कथा से बताया महादेव की कृपा का महत्व

महाराज ने नरसी मेहता का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि दादी के निधन के बाद नरसी मेहता को घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद वे जूनागढ़ स्थित इन्द्रेश्वर महादेव के मंदिर पहुंचे और सात दिन तक भूखे-प्यासे वहीं पड़े रहे। उनकी स्थिति देखकर माता पार्वती ने महादेव से उन्हें दर्शन देने और कृपा करने का आग्रह किया। इसके बाद नरसी मेहता ने महादेव और माता पार्वती को अपने माता-पिता मानकर उनके चरणों में प्रणाम किया।

10 एकड़ में आयोजन, 12 एलईडी स्क्रीन और सुरक्षा के इंतजाम

करीब 10 एकड़ क्षेत्र में आयोजित कथा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंच को श्रीकृष्ण, गाय-बछड़े और मोर की आकृतियों वृंदावन के स्वरूप में सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 250 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। धूप और बारिश से बचाव के लिए पंडाल के साथ पार्किंग से कथा स्थल तक करीब 15 फीट चौड़ा शेड बनाया गया है। कथा सभी श्रद्धालुओं को स्पष्ट दिखाई दे, इसके लिए 12 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। मेडिकल सुविधा के लिए एंबुलेंस, डॉक्टर और फर्स्ट एड की व्यवस्था है। फायर सेफ्टी के साथ पुलिस और सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। कथा प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक आयोजित होगी।

सीजीएचएस मेरठ रिश्वत मामला: हाईकोर्ट से रईस अहमद को राहत, 30 दिन तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। सीजीएचएस मेरठ में कथित 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में आरोपी बनाए गए रईस अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की पीठ ने याची को विशेष न्यायाधीश, एंटी करप्शन, सीबीआई न्यायालय गाजियाबाद के समक्ष 15 दिनों के भीतर डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल करने की अनुमति दी है।

कोर्ट ने संबंधित अदालत को प्रार्थना पत्र पर गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश देते हुए अगले 30 दिनों तक याची के विरुद्ध किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने पक्ष रखा। याचिका में आरोपपत्र और तलबी आदेश को चुनौती दी गई थी। मामला गाजियाबाद स्थित विशेष न्यायाधीश, एंटी करप्शन, सीबीआई की अदालत में लंबित है।

अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि रईस अहमद पिछले करीब 25 वर्षों से डॉ. आशीष जैन के संस्थानों जेएमसी मेडिकल सिटी, हाईफील्ड स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं जैन मेडिकल स्टोर मेरठ में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत थे। संबंधित संस्थान सीजीएचएस के पैनल पर हैं। बिलों के भुगतान व अन्य प्रशासनिक कार्यों के सिलसिले में वह डायरेक्टर डॉ. आशीष जैन के निर्देश पर सीजीएचएस कार्यालय जाया करते थे।

याचिका के अनुसार, 8 जुलाई 2025 को सीजीएचएस मेरठ के तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार और ऑफिस सुपरिंटेंडेंट लवलेश सोलंकी ने अस्पताल के निरीक्षण में पाई गई कथित कमियों पर कार्रवाई न करने के बदले 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। डायरेक्टर के निर्देश पर रईस अहमद अस्पताल के कर्मचारी व शिकायतकर्ता विशाल कुमार के साथ रिश्वत की पहली किस्त के रूप में पांच लाख रुपये लेकर सीजीएचएस कार्यालय पहुंचे थे। वहां लवलेश सोलंकी ने उन्हें अगले दिन रकम लेकर आने को कहा। इसके बाद रईस अहमद कथित रकम वाला बैग लेकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

याची पक्ष का कहना है कि अस्पताल के कर्मचारी विशाल कुमार की शिकायत पर सीबीआई ने डॉ. अजय कुमार और लवलेश सोलंकी के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। रईस अहमद किसी अवैध लेन-देन के लाभार्थी नहीं थे, बल्कि डायरेक्टर के निर्देश पर गए थे। शिकायतकर्ता विशाल ने उनके विरुद्ध कोई शिकायत नहीं की, न ही डॉ. आशीष जैन व विशाल ने अपने बयानों में उन्हें आरोपित किया। सीबीआई ने उन्हें फर्जी तरीके से फंसाया, जबकि उन्हें गवाह बनाया जाना था। उनके विरुद्ध कोई सबूत व गवाह नहीं है।

बहस के दौरान अधिवक्ता सुनील चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट के नीरज दत्ता बनाम स्टेट तथा बी. जयराज बनाम स्टेट ऑफ आंध्र प्रदेश के निर्णयों का हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत की मांग और बरामदगी दोनों साबित होने पर ही सजा का प्रावधान है। केवल बरामदगी के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती। कथित रकम पास होने मात्र से रिश्वत मांगने या स्वीकार करने में संलिप्तता स्वतः सिद्ध नहीं होती।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याची को 15 दिनों के भीतर डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल करने की अनुमति दी और 30 दिनों तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए याचिका निस्तारित कर दी। इस पर सीबीआई ने कोई आपत्ति नहीं की।