
नित्य संदेश।
शुभ आगमन मेरे आंगन,
पधारीं लक्ष्मी बनकर माँ।
गूँजी घर में किलकारी,
मधुर, मनोहर, प्यारी न्यारी,
बिटिया आई सबसे प्यारी।।
ख्याति बनकर खुशी आई।
तीसरी पीढ़ी पर हमने भांजी पाई।
छोटी सी परी बनके आई,
खुशियों का खज़ाना लाई।
गुलाबी गाल, नन्हें हाथ,
प्यारी सी मुस्कान है साथ।।
दादा-नाना की गोद में खेले,
मम्मी-पापा की बाहों में झूले।
तेरी हँसी में हम सब डोले।
तेरी खुशी में दिल फूले।।
नन्हे-नन्हे पग तुम्हारे,
आंगन में जब-जब डोलेंगे।
तब-तब घर के कोने-कोने,
खुशियों से भर- भर बोलेंगे।।
खुशियों के फूल सदा खिलें,
तू उन्नति के झूले झूले।
तेरा आगमन बड़ा वरदान,
ईश्वर की सौगात तू महान।।
खूब पढ़े, खूब बढ़े,
संस्कारों से सदा जुड़े।
दादी-नानी का नाम रतन ।
करे जग में तू ऐसा जतन।।
लाड़ो रानी, राज दुलारी,
तुझ पर वारी जाऊँ बलिहारी।।
नानी ले रही खूब बलैया।
सदा भरी रहे तेरे सुख तलैया।।
- आशा मानधन्या इंदौर


