Home Blog

दायमपुर में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। माता रमाबाई एजुकेशन ट्रस्ट दायमपुर के तत्वावधान में बच्चों के बौद्धिक विकास हेतु सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना और उनके सामान्य ज्ञान को मजबूत करना रहा।

माता रमाबाई एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा पांचवा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 350 बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता दो वर्गों में की गई, जिसमें 6 से 9 व 10 से 12वी के क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में भारत का इतिहास, संविधान, विज्ञान, वर्तमान घटनाएं और महापुरुषों के जीवन से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को मैडल व प्रशस्ति पत्र के साथ संविधान देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष रविकांत ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर और माता रमाबाई के विचार आज भी हमें शिक्षा के महत्व की याद दिलाते हैं। इस दौरान संदीप बंसवाल, सचिन, विकास, राजवीर, प्रदीप, अनिल, दिनेश बंसवाल, रेशपाल, अरुण बंसवाल, पप्पू आदि मौजूद रहे।

21 अक्टूबर को मनाया जाएगा अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। 21 अक्टूबर 1943 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। इसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद की अंतरिम सरकार की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम का आयोजन बुधवार 21 अक्टूबर को सुबह 9 बजे कैलाश प्रकाश स्टेडियम में होगा। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आजाद हिंद फौज के वीर सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के योगदान, त्याग और शौर्य को नमन किया जाएगा। सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि 21 अक्टूबर 1943 केवल सरकार के गठन का दिन नहीं था, बल्कि यह पराधीन भारत के लिए स्वतंत्रता, स्वाभिमान और आत्मनिर्णय के अडिग संकल्प की ऐतिहासिक अभिव्यक्ति थी। नेताजी का जीवन और नेतृत्व साहस, दूरदृष्टि, बलिदान और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजाद हिंद सरकार और आजाद हिंद फौज का इतिहास हमें याद दिलाता है कि भारत की स्वतंत्रता अनेक आंदोलनों, विचारों और असाधारण बलिदानों से आकार पाई। नेताजी के नेतृत्व में स्वतंत्रता का संदेश देश की सीमाओं से परे दक्षिण-पूर्व एशिया में रह रहे भारतीयों तक पहुंचा। असंख्य भारतीयों ने स्वतंत्रता के लिए धन, संसाधन, समय और जीवन समर्पित किया।

महत्व को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना उद्देश्य

डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व का उद्देश्य 21 अक्टूबर के ऐतिहासिक महत्व को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना और नेताजी सुभाष चंद्र बोस व आजाद हिंद फौज के योगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। इतिहास की स्मृति तभी सार्थक है जब वह वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्र, उसकी एकता, स्वतंत्रता और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करे। उन्होंने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तावित रैली व अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से नेताजी के विचारों, आजाद हिंद फौज के शौर्य और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

भारत के गौरवशाली इतिहास को याद करना

आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास को याद करने, स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और लोगों में देशभक्ति व राष्ट्रीय चेतना का भाव जगाने का महत्वपूर्ण अवसर है। मीडिया समन्वयक गुंजेश ओझा ने सभी सम्मानित संपादकों, ब्यूरो प्रमुखों और मीडिया प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।

मेरठ के आलिम को सऊदी सरकार ने दिया तोहफा

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। केंद्रीय जमीयत एहल ए हदीस के नाज़िम मौलाना हारून सनाबली को सऊदी सरकार की ओर से विशेष तोहफा प्रदान किया गया। मौलाना हारून सनाबली सोमवार देर शाम सऊदी अरब से मेरठ लौट आए। मौलाना हारून ने बताया कि वह सऊदी प्रिंस सलमान बिन अब्दुल अजीज के बुलावे पर सऊदी अरब उमरा यात्रा पर गए थे। वहां उन्हें सऊदी सरकार की तरफ से गिलाफ ए काबा का टुकड़ा बतौर सम्मान दिया गया।

मेरठ की 19 कृषि संपत्तियों को कब्जामुक्त कराएगी सरकार

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। जब देश का बंटवारा हुआ, तब बड़ी संख्या में लोग जल्दबाजी में अपना मुल्क छोड़ पाकिस्तान तो चले गए, लेकिन उनकी संपत्तियां यहीं रह गईं। यह संपत्तियां बेशकीमती हैं, जिन्हें लेकर अब सरकारी अमला भी एक्टिव मोड में आ चुका है। दरअसल, शत्रु संपत्तियों में शुमार इस प्रकार की संपत्तियों की संख्या अकेले मेरठ में ही 122 है, जिनकी कीमत करोड़ों में है।

मेरठ जनपद में जो 122 संपत्तियां हैं, उनमें शहर में कुल 45 आवासीय संपत्तियां हैं। इसके अलावा, काफी संपत्तियां ग्रामीण क्षेत्रों में भी हैं, जो कृषि भूमि के रूप में है। इनमें से अधिकतर पर अवैध कब्जे हैं। इन बेशकीमती शत्रु संपत्तियों को लेकर अब केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। वह अब इन संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर इसकी नीलामी कर रही है। हालांकि सरकार इन संपत्तियों का नए-नए सिरे से आंकलन भी कर रही है। बता दें कि पाकिस्तान जाने वाले लोगों की संपत्तियों की देख-रेख का जिम्मा शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय का है। पता चला है कि जहां मेरठ में यह शत्रु संपत्तियां 122 हैं, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या डेढ़ हजार से अधिक है। इन संपत्तियों में कृषि से लेकर आवासीय और व्यवसायिक सभी प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से कई संपत्तियां तो ऐसी हैं, जिन पर वे लोग काबिज हैं, जिनके पास सरकारी लीज पर यह संपत्तियां थीं और बाद में उनका रिन्यूवल नहीं हो पाया। अब सरकार इन संपत्तियों से अवैध कब्जे हटकर इनको नीलम करेगी। अधिकतर संपत्तियां शहर के अलावा सरधना और मवाना में भी हैं।

शहर के अलावा सरधना व मवाना क्षेत्र में संपत्तियां

बताया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो शत्रु संपत्तियां हैं, उनमें से अधिकतर कृषि भूमि हैं। मेरठ में ऐसी ही 19 कृषि संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराकर नीलामी की सूची में शामिल किया गया है। हालांकि, नीलामी से पहले इन संपत्तियों का नए से मूल्यांकन भी कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जितनी भी शत्रु संपत्तियां हैं उन्हें लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में स्थानीय जिला प्रशासन के अधिकारियों को निस्तारण संबंधी दिशा निर्देश जारी किए थे।

भारत में ऊर्जा व्यय पर विचार

नित्य संदेश।पूरा विश्व ऊर्जा संसाधनों की कमी से जूझ रहा है, तो कही दो देशों के बीच चलते युद्ध के कारण अन्य देश ऊर्जा संसाधनों की बढ़ती कीमत को झेल रहे है । कुछ दिनों पहले भारत में  बढ़ती पेट्रोल डीजल की कीमत ओर गैस की किल्लत को देखते हुए पेट्रोल पंप ओर गैस एजेंसी पर लंबी कतारे देखी गई , लेकिन जैसे ही घूमने , मस्ती मारने या यूं कहे नए नए चोंचले शुरू करने की बात आती है हम सबसे आगे हो जाते है ।
नवरात्रि के ये दिन गुजरात को बहुत ही सुंदर रंग से रंग देते है  ये रंग रात्रि की कालिमा दूर करने तक ठीक किन्तु जब ये भौर को भी प्रदूषित करने लगे तो क्या हम सभी को एक बार रुक कर नहीं सोचना चाहिए । सुबह 4 बजे जब प्रकृति अपनी सुन्दरता बिखरने को तैयार है हम गाड़ियों के शोर को भौंर का कलरव कैसे कह सकते है । ओर उसे अपना स्टेटस कैसे मान सकते है । 
यह बहुत विचारणीय बात है कि प्रकृति का विनाश करके हम एक पेड़ मां के नाम कैसे लगा सकते है ?
मानवीय ऊर्जा जो कि देश की अमूल्य पूंजी है लगातार इस तरह अपने आपको व्यय करती ही जा रही जो प्राकृतिक ऊर्जा के साथ – साथ स्वयं का हास करने पर उतारू हैं।

-जयमनी
मनीषा