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हाथी एडिबल ऑयल ने अनुपम खेर को बनाया ब्रांड एम्बेसडर

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। हाथी एडिबल ऑयल ने अभिनेता अनुपम खेर को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया है। वर्ष 1912 से अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहा हाथी एडिबल ऑयल भारत में पैकेज्ड एडिबल ऑयल श्रेणी के अग्रणी ब्रांडों में शामिल है। फिल्मों में पारिवारिक, हास्य और गंभीर भूमिकाओं के जरिए दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने वाले अनूपम खेर के साथ यह साझेदारी ब्रांड की छवि को मजबूत करने और उसे बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं के अनुरूप आधुनिक स्वरूप देने की पहल है।

बी. पी. ऑयल मिल्स लिमिटेड के निदेशक, अनिरुद्ध भगत ने कहा, “हमारा ध्यान हाथी की मजबूत और समकालीन पहचान विकसित करने के साथ-साथ अपने एडिबल ऑयल पोर्टफोलियो के जरिए उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करते रहने पर है। नई पैकेजिंग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अनूपम खेर के साथ साझेदारी हमें ब्रांड की कहानी को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर देती है। हम अपने एफएमसीजी पोर्टफोलियो के विस्तार और कारोबार को समय के साथ नई उत्पाद श्रेणियों तक ले जाने की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं।”

इस साझेदारी पर बी. पी. ऑयल मिल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, भरत भगत ने कहा, “हाथी 114 वर्षों की ऐसी विरासत का प्रतिनिधित्व करता है, जिसके उत्पाद भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की पाक परंपराओं का हिस्सा रहे हैं। आगे बढ़ते हुए हमारा ध्यान इस विरासत को मजबूत करने और बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं के अनुरूप ब्रांड को विकसित करने पर है। अनूपम खेर की बहुमुखी प्रतिभा और दर्शकों के साथ उनका दीर्घकालिक जुड़ाव उन्हें इस यात्रा में एक उपयुक्त सहयोगी बनाता है। हम इस साझेदारी को हाथी की ब्रांड इक्विटी मजबूत करने और इसकी कहानी को अधिक व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाने के अवसर के रूप में देखते हैं।”

हाथी बी.पी. ऑयल मिल्स लिमिटेड (बी. पी. ऑयल मिल्स लिमिटेड – बीपीओएम) का प्रमुख ब्रांड है। इसके पोर्टफोलियो में सरसों, मूंगफली और सोयाबीन तेल शामिल हैं। कच्ची घानी सरसों का तेल इसका प्रमुख उत्पाद है। इस साझेदारी के साथ तीनों ऑयल श्रेणियों में नई पैकेजिंग भी पेश की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रत्येक उत्पाद की विशेषताओं को बरकरार रखते हुए ब्रांड की दृश्य पहचान को अधिक आधुनिक बनाना है।

हाथी ब्रांड के उत्पाद भारत के प्रमुख बाजारों में उपलब्ध हैं। कंपनी का वितरण नेटवर्क 2.5 लाख से अधिक रिटेलर्स और 4,500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स एवं डीलर्स तक फैला है। इसके अलावा, कंपनी देशभर में 25 से अधिक अपने डिपो संचालित करती है। ब्रांड के उत्पाद अमेज़न, फ्लिपकार्ट, ब्लिंकइट, बिगबास्केट और ज़ेप्टो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं। 1,000 करोड़ से अधिक के मौजूदा टर्नओवर वाली बीपीओएम का लक्ष्य अगले वर्ष कारोबार में 35-40 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करना है। कंपनी अपने एफएमसीजी पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए नई उत्पाद श्रेणियों की संभावनाएं भी तलाश रही है।

अनुपम खेर की प्रतिभा और भारतीय दर्शकों के बीच उनकी पहचान इस साझेदारी को ब्रांड के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। इसके जरिए हाथी अपनी विरासत को नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के साथ-साथ परिवारों और रोजमर्रा के खानपान से जुड़े अपने जुड़ाव को मजबूत करना चाहता है।

सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति जनभागीदारी एवं सामाजिक पहल से ही संभव है :प्रोफेसर बलराम पाणी

नित्य संदेश ब्यूरो

नई दिल्ली। अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, दिल्ली प्रांत एवं माधव सेवा न्यास के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय व्याख्यान माला “पर्यावरण रसायन एवं सतत विकास :ज्ञान परंपराएं, चुनौतियां और संभावनाओं” पर आयोजन अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के केंद्रीय कार्यालय ‘सभागार’ में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं   मुख्यवक्ता प्रोफेसर( डॉ.) बलराम पाणी , डीन ऑफ कॉलेजेज ,दिल्ली विश्वविद्यालय रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण हमारे आसपास विद्यमान समस्त प्राकृतिक एवं जैविक घटकों के  समुच्चय का नाम है। प्रकृति ने  हमें वायुमंडल, भूमंडल एवं जल जैसे अमूल्य संसाधन प्रदान किया है, इन तीनों घटकों के बीच संतुलन बनाए रखना  पर्यावरण के लिए अनिवार्य है। सामयिक  में मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरण प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए हर व्यक्ति की पर्यावरण के प्रति सजगता, पहल, उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवहार एवं सकारात्मक पहल  अत्यंत  आवश्यक है। पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले वे भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारक जो मानव स्वास्थ्य ,संपत्ति एवं  जीव -जगत के  प्रति प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं " प्रदूषक" कहलाते हैं, जबकि इन प्रदूषकों के कारण पर्यावरण की प्राकृतिक गुणवत्ता में होने वाली हानिकारक गिरावट को "पर्यावरण प्रदूषण "कहा जाता है। अतः पर्यावरण संरक्षण एवं सतत् विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जनसहभागिता, प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग तथा  पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की अनिवार्य आवश्यकता है।

प्रकृति में स्वयं को पुनर्संतुलित एवं पुनर्जीवित करने की अंतर्निहित क्षमता विद्यमान होती है, किंतु प्रदूषण की निरंतर वृद्धि इस प्राकृतिक क्षमता को क्षरण कर रही हैं। पर्यावरणीय संतुलन की स्थापना के लिए प्रदूषकों की पहचान ,उनके स्रोतों का विश्लेषण तथा उन पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। प्रदूषण को बढ़ाने वाले विभिन्न कारकों एवं संकेतकों कोसमझना अनिवार्य है।उन्होंने "सेवेन सिस्टर्स प्रदूषक "के अवधारणा पर विचार -विमर्श करते हुए पर्यावरण एवं रसायन विज्ञान के पारस्परिक संबंधों को रेखांकित किए । उन्होंने सतत् विकास की अवधारणा को "गरुड़ पुराण" में वर्णित विचारों एवं जीवन -मूल्यों से जोड़ते हुए भारतीय ज्ञान- परंपरा और पर्यावरणीय चेतना के तादात्म्य संबंधों पर प्रकाश डालें। इस प्रकार पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, योग, संतुलित जीवन शैली तथा भारतीय ज्ञान -परंपरा का उचित समन्वय सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के संरक्षक एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन सचिव, डॉ. बालमुकुंद पांडे जी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी के प्रति हृदय तल से आभार व्यक्त किए। उन्होंने अपने उद्बोधन में इतिहास के अध्ययन की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि इतिहास अतीत की घटनाओं का संकलन नहीं,बल्कि वर्तमान को समझने, उसके अनुभवों को संरक्षित करने तथा भविष्य को दिशा -निर्धारित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. धर्मचंद चौबे ने सभी को धन्यवाद दिए। उन्होंने सतत विकास को वैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक आधारों पर व्याख्यायित किए।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर प्रवीण गर्ग ने किया। उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम का व्यास संचालन डॉ प्रीति उपाध्याय ,आजीवन सदस्य ,अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली ने किया। कार्यक्रमोपरांत स्वादिष्ट जलपान की व्यवस्था थी एवं उसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक एवं सार्थक व्यवस्था थी।कार्यक्रम में डॉ.सुधाकर कुमार मिश्रा,डॉ.अनुराग मिश्रा ,डॉ. ए .के दुबे, डॉ. रमेश मिश्रा, श्री मुकेश उपाध्याय, डॉ सचिन रतन झा ,डॉ नरेंद्र शुक्ला, डॉ. रत्नेश त्रिपाठी एवं अन्य प्राध्यापक ,शोधार्थी एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

एमआईटी की डांडिया नाइट में गरबा की धूम, रंग-बिरंगे परिधानों में थिरके विद्यार्थी

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। नवरात्र के पावन अवसर पर मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में डांडिया नाइट का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने डांडिया, गरबा और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्सव का उल्लास बिखेरा। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद मां दुर्गा की आराधना करते हुए विद्यार्थियों ने पारंपरिक गरबा और डांडिया प्रस्तुतियां दीं। पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।


कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल, निदेशक डॉ. के.एल.ए. खान, प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा, डीन एकेडमिक डॉ. गौरव शर्मा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. संजय माथुर और मीडिया हेड अजय चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। डांडिया नाइट ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामूहिक उत्सव की भावना से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। पारंपरिक नृत्य के साथ डीजे संगीत ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर आयोजन को यादगार बनाया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा शिक्षा के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा।

‘ब्लूप्रिंट एजुकेशन’ की 11वीं वार्षिक सेल्स मीट संपन्न

नित्य संदेश ब्यूरो 

मेरठ। चित्रा प्रकाशन की सह संस्था ‘ब्लूप्रिंट एजुकेशन’ की ग्यारहवीं सेल्स मीट होटल हाइफन में आयोजित हुई। चित्रा प्रकाशन समूह के चेयरमैन अजय रस्तोगी व आलोक रस्तोगी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

ब्लूप्रिंट एजुकेशन के डायरेक्टर नितिन रस्तोगी ने कहा कि इस वर्ष की थीम ‘टुगेदर टुवर्ड्स टुमॉरो’ एकजुटता और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का प्रतीक है। लक्ष्य ज्ञान की गुणवत्ता और शिक्षा में नए आयाम स्थापित करना है।

इस अवसर पर चित्रा समूह के डायरेक्टर मयंक रस्तोगी, सेल्स हेड गौरव गोयल, प्रकाशन प्रबंधक हिमांशु वर्मा, पूर्णेंदु कुमार, दीपक अग्रवाल, दीपयन्ती चौधरी आदि उपस्थित रहे।

नवरात्र के तीसरे दिन शिवसेना की दुर्गा माता दौड़

नित्य संदेश ब्यूरो 

मेरठ। नवरात्र के तीसरे दिन छीपी टैंक स्थित शिवसेना यूबीटी कार्यालय से युवा सेना जिलाध्यक्ष अवनीश आर्य के नेतृत्व में दुर्गा माता दौड़ आयोजित हुई। दौड़ का समापन खूनी पुल स्थित पिपलेश्वर महादेव शिव-दुर्गा मंदिर में दुर्गा आरती के साथ हुआ।

दौड़ में शिव सैनिकों ने दुर्गा माता की जय, जय भवानी-जय शिवाजी और हिंदू धर्म की जय के नारे लगाए। प्रदेश महासचिव व पश्चिमी यूपी प्रभारी धर्मेंद्र तोमर ने कहा कि यह दौड़ पूरे नवरात्र सुबह 7 बजे शिवसेना कार्यालय से निकलेगी और शहर के विभिन्न मंदिरों पर संपन्न होगी। इसका उद्देश्य मां दुर्गा के शक्ति स्वरूप और छत्रपति शिवाजी महाराज के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना है।

दौड़ में सनी प्रधान, कमल प्रजापति, प्रदीप सक्सेना, आकाश कन्नौजिया, शिक्षा देवी, राजेश तोमर, किशन कटारिया, मदन सक्सेना, आरपी सिंह, राम सिंह यादव, अशोक चतुर्वेदी, अमित कन्नौजिया, शिव महरोल, कुंदन, दीपक वैश्य, गौरी शंकर भोला, रूपराम राजपूत, जसवीर सिंह आदि शामिल रहे।