
डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, मोदीपुरम। स्वदेशी जागरण मंच के स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत मेरठ के गंगानगर स्थित श्री मोहित मलिक जी के आवास पर एक विशेष उद्यमी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में उद्यमशीलता की भावना को प्रोत्साहित करना, युवाओं को स्वरोजगार एवं व्यवसाय स्थापना के लिए प्रेरित करना तथा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय श्री कश्मीरी लाल जी, स्वदेशी जागरण मंच के संगठक, उनके साथ श्री विकास चौधरी जी, संयुक्त क्षेत्र संयोजक प्रमुख, स्वदेशी जागरण मंच (दिल्ली),श्री सुधांशु जी, सह प्रांत संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच (मेरठ प्रांत); तथा श्री अनुज शर्मा जी, सह प्रांत समन्वयक, स्वावलंबी भारत अभियान (मेरठ प्रांत) भी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए आदरणीय श्री मां कश्मीरी लाल जी ने स्वावलंबी भारत अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग में स्वावलंबन एवं उद्यमशीलता की भावना विकसित करना आवश्यक है। युवाओं को केवल नौकरी प्राप्त करने की मानसिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्वयं के उद्यम स्थापित कर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
श्री विकास चौधरी जी ने स्वदेशी जागरण मंच की भूमिका और देश में उद्यमिता के विस्तार की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं व्यावसायिक संभावनाओं का उपयोग करके नए उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। युवाओं को नवाचार, कौशल और व्यावसायिक सोच के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
श्री सुधांशु जी ने स्वदेशी जागरण मंच की गतिविधियों तथा मेरठ प्रांत में स्वदेशी और स्वावलंबन के विचार को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं श्री अनुज शर्मा जी ने स्वावलंबी भारत अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने पर अपने विचार साझा किए।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने व्यावसायिक अनुभव, संघर्ष, सफलताओं और भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं को साझा किया। उद्यमियों ने बताया कि किस प्रकार नए व्यावसायिक विचारों, नवाचार और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने, भारतीय निर्माताओं को प्रोत्साहित करने और स्थानीय व्यवसायों को मजबूत बनाने पर भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के मेजबान श्री मोहित मलिक जी, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक ने सभी अतिथियों एवं उद्यमियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान का उद्देश्य समाज में स्वावलंबन, उद्यमशीलता और स्वदेशी के प्रति जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं उद्यम स्थापित कर रोजगार सृजन की दिशा में आगे आना चाहिए। साथ ही भारतीय उत्पादों को अपनाकर देश की आर्थिक मजबूती में योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर श्री जगपाल सिंह मलिक, श्री विक्की तनेजा, श्री आमोद भारद्वाज, श्री राकेश जैन, श्री प्रदीप मलिक, सचदेवा जी एवं डॉ. अभिषेक डबास सहित अनेक उद्यमी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने अपने विचारों एवं अनुभवों के माध्यम से उद्यमिता और स्वावलंबन के महत्व पर सार्थक संवाद किया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए केवल रोजगार के अवसर तलाशना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है। स्वदेशी उत्पादों का अधिकाधिक उपयोग, स्थानीय उद्योगों को सहयोग तथा नए उद्यमों की स्थापना से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।


