
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मेरठ जोन के मेरठ और सहारनपुर मंडल के सभी नौ जिलों में जल जीवन मिशन और जल निगम (ग्रामीण) के अंतर्गत चल रही पेयजल योजनाओं के कामों में तेजी आने की उम्मीद है। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे ठेकेदारों और कार्यदायी संस्थाओं को राहत देने के लिए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को पूर्ण हो चुके कार्यों के लंबित भुगतान प्राथमिकता के आधार पर जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया है कि आगामी पर्व-त्योहारों से पहले पात्र देयकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भुगतान के अभाव में विकास कार्य प्रभावित न हों। शुक्रवार को लखनऊ में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने जल निगम (ग्रामीण) की रेट्रोफिटिंग योजनाओं और जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे हो चुके कार्यों के लंबित भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन ठेकेदारों और कार्यदायी संस्थाओं ने निर्धारित मानकों के अनुसार काम पूरा कर लिया है, उनके बिलों की जांच कर पात्र भुगतान में अनावश्यक देरी न की जाए।
इस निर्देश का असर मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर भी पड़ने की उम्मीद है। भुगतान की प्रक्रिया तेज होने से संबंधित ठेकेदारों को आर्थिक राहत मिलेगी और योजनाओं के शेष निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
IEC के लंबित बिलों का भी होगा निस्तारण
मंत्री ने जल जीवन मिशन और जल निगम (ग्रामीण) के अंतर्गत सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों से जुड़े लंबित बिलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिलों की नियमानुसार जांच कराई जाए और पात्र पाए जाने वाले देयकों का शीघ्र भुगतान किया जाए।
10 दिन में पूरी करनी होगी सड़कों की मरम्मत
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के पुनर्स्थापन का काम भी समीक्षा के केंद्र में रहा। मंत्री ने प्रदेशभर में शेष रोड रेस्टोरेशन कार्य अगले 10 दिनों में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को पूर्व स्थिति में बहाल करना जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।
इसके अलावा अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों से मिलने वाली पेयजल संबंधी शिकायतों का संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सिंह, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


