Homeउत्तर प्रदेशमेरठइलाहाबाद हाई कोर्ट: बिना नोटिस दुकान गिराने और हटाने पर लगाई रोक

इलाहाबाद हाई कोर्ट: बिना नोटिस दुकान गिराने और हटाने पर लगाई रोक

  • मेरठ नगर निगम से 24 घंटे में मांगा जवाब

नित्य संदेश ब्यूरो

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेरठ में एक दुकानदार को बिना लिखित नोटिस दिए या सुनवाई का मौका दिए उसकी दुकान को ढहाने और बेदखल करने की धमकियों पर कड़ा रुख अपनाया है।

याचिकाकर्ता बृजमोहन निवासी प्रगति नगर साकेत मेरठ की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी एवं विपुल सिंघल ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा और प्रभावी बहस की। उनकी दलीलों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने आगामी सुनवाई तक याचिकाकर्ता को उसकी दुकान से बेदखल करने और दुकान को ध्वस्त करने पर अंतरिम रोक लगा दी है।

अधिवक्ताओं ने बहस में क्या बताया?

याचिकाकर्ता के वकीलों ने अदालत को अवगत कराया कि बृजमोहन मेरठ में सुशीला जसवंत राय अस्पताल के सामने और मांगलिक मेडिकल स्टोर के पास स्थित एक दुकान/कियोस्क का वैध लाइसेंसी आवंटी है।

बहस के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु रखे:•

प्रशासन द्वारा याचिकाकर्ता को बिना किसी पूर्व लिखित नोटिस या सुनवाई का कानूनी अवसर दिए उसकी दुकान को जबरन तोड़ने और उसे वहां से हटाने की धमकी दी जा रही है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

• याचिकाकर्ता को इस कार्रवाई के बदले कोई वैकल्पिक स्थान (Alternate Site) भी आवंटित नहीं किया गया है, जिससे उसकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।

हाई कोर्ट के कड़े निर्देश:

• ध्वस्तीकरण और बेदखली पर अंतरिम रोक: कोर्ट ने साफ किया है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता की दुकान को न तो गिराया जाएगा और न ही उसे वहां से बेदखल किया जाएगा।

• 24 घंटे के भीतर सूचना देने का आदेश: अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), मेरठ को निर्देशित किया है कि इस आदेश की प्रति 24 घंटे के भीतर चेयरमैन (नगर निगम, मेरठ) और उप संपत्ति अधिकारी (मेरठ) को अनिवार्य रूप से तामील कराई जाए।

• जवाब और निर्देश: कोर्ट ने सरकारी वकील (Standing Counsel) और प्रतिवादी संख्या 2 व 3 के वकील को संबंधित विभागों से इस मामले में निर्देश व जानकारी प्राप्त कर अदालत के सामने प्रस्तुत करने को कहा है।

इस मामले की अगली सुनवाई अब 18 नवंबर 2026 को तय की गई है, तब तक के लिए पीड़ित दुकानदार को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है।

Share on Blogger
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Facebook Page

Most Popular

Recent Comments