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युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण : अश्विनी त्यागी

  • जिला स्तरीय युवा संसद में गूंजा विकसित भारत 2047 का संकल्प, युवाओं ने रखे वन नेशन, वन इलेक्शन पर विचार

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शुक्रवार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय सेवा योजना, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा संसद का आयोजन विश्वविद्यालय के अटल सभागार में किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘यूथ लीडर डायलॉग : विकसित भारत 2047’ रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य एवं एमएलसी अश्विनी त्यागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन जिला युवा अधिकारी यशवंत यादव एवं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. दुष्यंत चौहान के दिशा-निर्देशन में किया गया।

मुख्य अतिथि अश्विनी त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 का संकल्प केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी की सामूहिक जिम्मेदारी है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। आज का युवा केवल भविष्य का नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान में देश की दिशा और दशा तय करने वाली शक्ति है। युवाओं में असीम ऊर्जा, नवीन विचार, तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता है। आवश्यकता है कि वे अपनी इस क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक परिवर्तन और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में करें।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमारे लोकतंत्र की मजबूती जागरूक, जिम्मेदार एवं सक्रिय नागरिकों पर निर्भर करती है। युवा संसद जैसे आयोजन विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं, संवैधानिक मूल्यों तथा राष्ट्रहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे मंच युवाओं में तर्कपूर्ण विचार रखने, सकारात्मक संवाद करने, असहमति का सम्मान करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वन नेशन, वन इलेक्शन विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश की लोकतांत्रिक और चुनावी व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। इस पर युवाओं को तथ्यों, संवैधानिक प्रावधानों, लोकतांत्रिक परंपराओं और राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से गंभीरता से विचार करना चाहिए। लोकतंत्र में किसी भी विषय पर अलग-अलग विचार होना स्वाभाविक है, लेकिन विचारों की अभिव्यक्ति में संवैधानिक मर्यादा, तार्किकता और राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल डिग्री प्राप्त करने तक अपनी शिक्षा को सीमित न रखें, बल्कि अपने अंदर सामाजिक जिम्मेदारी, नवाचार, उद्यमिता, वैज्ञानिक सोच और नेतृत्व के गुण विकसित करें। आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत, डिजिटल भारत और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं को अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के ये युवा ही वर्ष 2047 के विकसित भारत के वास्तविक निर्माता होंगे।

कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. जूही अग्रवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, वर्धमान कॉलेज बिजनौर; डॉ. सत्येंद्र कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ; डॉ. मनोज श्रीवास्तव, प्रोफेसर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय तथा डॉ. भूपेंद्र जी, असिस्टेंट प्रोफेसर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने निभाई।

इस जिला स्तरीय युवा संसद में लगभग 120 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ विषय पर तीन मिनट की निर्धारित समयावधि में अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने वक्तव्यों में विषय के विभिन्न पहलुओं, लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनावी प्रक्रिया तथा देश के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विचार रखे।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ओम ठाकुर ने प्रथम स्थान, प्रीति कालरा ने द्वितीय स्थान तथा निशा रस्तोगी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को आगामी चरण में लखनऊ स्थित विधान सभा में अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।

कार्यक्रम के अंत में निर्णायक मंडल एवं आयोजन मंडल ने विजेता छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। साथ ही सभी प्रतिभागियों के उत्साह, विचारों और लोकतांत्रिक विमर्श में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

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